आयकर नोटिस ने खोला फर्जी बैंक खाते का राज, व्यापारी के नाम 1.27 करोड़ के ट्रांजैक्शन से हड़कंप

किरावली के कृषि यंत्र विक्रेता गोविंद सिंह के नाम कथित तौर पर फर्जी तरीके से चालू बैंक खाता खुलवाकर 1.27 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत में पड़ोसी रवि और बैंक कर्मचारी की मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। आयकर विभाग का नोटिस मिलने के बाद व्यापारी को मामले की जानकारी हुई। पुलिस से कार्रवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर किरावली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Oct 25, 2026 - 16:49
 0
आयकर नोटिस ने खोला फर्जी बैंक खाते का राज, व्यापारी के नाम 1.27 करोड़ के ट्रांजैक्शन से हड़कंप

सेल्समैन बनाने के बहाने पड़ोसी ने खुलवाया खाता, बैंककर्मी की मिलीभगत का आरोप; आयकर नोटिस से खुला राज, कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

आगरा। किरावली में कृषि यंत्र विक्रेता के नाम से कथित तौर पर फर्जी तरीके से चालू खाता खुलवाकर करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन किए जाने का मामला सामने आया है। श्याम एग्रो एजेंसी के संचालक गोविंद सिंह के नाम खोले गए खाते से करीब 1.27 करोड़ रुपये से अधिक की रकम अलग-अलग कंपनियों के खातों में ट्रांसफर होने का आरोप है। मामले में बैंक कर्मचारी की मिलीभगत की बात भी शिकायत में कही गई है।

पीड़ित व्यापारी को इस पूरे मामले की जानकारी तब हुई, जब आयकर विभाग की ओर से उन्हें भारी-भरकम राशि से संबंधित नोटिस मिला। बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर खाते में हुए करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला तो उनके होश उड़ गए। मामले में पुलिस की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद किरावली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सेल्समैन बनाने का झांसा देकर खुलवाया खाता

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, गोविंद सिंह किरावली में ‘श्याम एग्रो एजेंसी’ के नाम से कृषि यंत्रों का कारोबार करते हैं। उनके पड़ोसी रवि ने वर्ष 2024 में उन्हें अपनी कंपनी में सेल्समैन बनाने का प्रस्ताव दिया था। आरोप है कि इसी दौरान रवि ने गोविंद को भरोसे में लिया और केनरा बैंक की किरावली शाखा के एक कर्मचारी से कथित मिलीभगत कर उनके नाम से नया चालू खाता खुलवा दिया। शिकायत में आरोप है कि खाते की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए रवि गोविंद को राजस्थान भी लेकर गया। वहां खाते का हिसाब-किताब रखने की बात कहकर उसने नए बैंक खाते से जुड़ा सिम कार्ड अपने पास ले लिया।

पहले 28.80 लाख रुपये, फिर करोड़ों का ट्रांजैक्शन

आरोप है कि बैंक कर्मचारी की मिलीभगत से सिम का गलत इस्तेमाल करते हुए खाते में सबसे पहले 28.80 लाख रुपये की रकम डाली गई। इसके बाद इस खाते से लगातार बड़े स्तर पर धनराशि का लेन-देन शुरू हुआ। शिकायत के अनुसार, कुल 1 करोड़ 27 लाख 31 हजार 500 रुपये अलग-अलग कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किए गए। इनमें ए.आर. एंटरप्राइजेज, डीजीबीएमटी इंडस्ट्रीज, दुर्गम प्लेट हाउस और मोहित गारमेंट्स समेत अन्य खाते शामिल बताए गए हैं। गोविंद सिंह का अधिकांश नियमित बैंकिंग लेन-देन पंजाब नेशनल बैंक के खाते से होता था। इसी वजह से उन्होंने केनरा बैंक में खोले गए नए चालू खाते पर विशेष ध्यान नहीं दिया और लंबे समय तक उन्हें इस खाते के जरिए होने वाले लेन-देन की जानकारी नहीं हो सकी।

आयकर विभाग के नोटिस ने खोला पूरा मामला

मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब पिछले माह गोविंद सिंह को आयकर विभाग की ओर से भारी-भरकम राशि से संबंधित नोटिस मिला। नोटिस देखकर उन्होंने बैंक खाते की जानकारी जुटाई और स्टेटमेंट की जांच कराई। स्टेटमेंट सामने आते ही उनके सामने एक के बाद एक बड़े लेन-देन की जानकारी आई। उनके नाम पर खोले गए खाते से करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन देखकर वह हैरान रह गए। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की।

थाने से लेकर अधिकारियों तक लगाई गुहार, नहीं हुई सुनवाई

पीड़ित व्यापारी के मुताबिक, उन्होंने मामले की लिखित शिकायत किरावली थाने में दी, लेकिन तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने रजिस्ट्री डाक के माध्यम से पुलिस के उच्चाधिकारियों को भी प्रार्थना पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि वहां से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार प्रयासों के बावजूद सुनवाई न होने पर गोविंद सिंह ने आगरा न्यायालय का रुख किया। अदालत में मामले की गंभीरता रखते हुए न्याय की गुहार लगाई गई। अदालत के कड़े रुख के बाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस ने शुरू की जांच, साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

थाना प्रभारी मदन सिंह के मुताबिक, अदालत के आदेश और पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अब बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज, खाता खोलने की प्रक्रिया, मोबाइल नंबर और सिम कार्ड के इस्तेमाल, संदिग्ध ट्रांजैक्शन तथा जिन खातों में रकम भेजी गई, उनकी जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि व्यापारी के नाम पर खाता किस उद्देश्य से खुलवाया गया, खाते का संचालन किसने किया और करोड़ों रुपये के इस कथित लेन-देन के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और धनराशि के वास्तविक स्रोत का खुलासा होने की उम्मीद है।