मथुरा में 900 करोड़ रुपये के सीएसआर फंड को लेकर तीन सीए के ठिकानों पर आयकर छापे

मथुरा। मथुरा में सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड के नाम पर करीब 900 करोड़ रुपये के फंड की जांच में इनकम टैक्स (आईटी) टीम ने तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) के आवास और कार्यालयों पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज जब्त किए गए और टीम ने एक सीए को अपने साथ ले लिया, जबकि दो अन्य के बयान दर्ज किए गए।

Aug 19, 2025 - 21:10
Aug 19, 2025 - 21:11
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मथुरा में 900 करोड़ रुपये के सीएसआर फंड को लेकर तीन सीए के ठिकानों पर आयकर छापे

जानकारी के अनुसार लालाराम शर्मा ने सीए सर्वेश मित्तल के महोली रोड स्थित मार्किट में एक हिस्सा किराये पर लिया था। इस पते पर दो दर्जन से अधिक फर्जी फर्में बनाई गई थीं। लालाराम ने हरियाणा के चामड़ियां ग्रुप से दो बार में 300-300 करोड़ रुपये का सीएसआर फंड लिया था।

इनकम टैक्स टीम को इस गतिविधि पर संदेह हुआ और जांच शुरू की। छानबीन में पता चला कि फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये का गोलमाल किया जा रहा था। इस घोटाले में मथुरा के तीन सीए- मनीष सिंघल, आशुतोष और सर्वेश मित्तल के नाम सामने आए। मंगलवार को टीम ने इन तीनों सीए के कार्यालय और आवासों पर छापा मारा, दस्तावेज जब्त किए और एक सीए को अपने साथ ले गई।

सूत्रों के अनुसार दस्तावेजों की जांच से कथित घोटाले की व्यापकता का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ की जाएगी।

छापेमारी के दौरान टीम ने फाइनेंस और बैंकिंग संबंधित दस्तावेजों को भी कब्जे में लिया है। इस कार्रवाई के साथ ही मथुरा में सीएसआर फंड के उपयोग और फर्जी कंपनियों के माध्यम से धन हेराफेरी की गतिविधियों पर निगाह रखी जा रही है। जानकारों का कहना है कि ऐसे घोटाले में पारदर्शिता की कमी गंभीर वित्तीय अपराधों को जन्म देती है।

SP_Singh AURGURU Editor