भारत स्वाभाविक रूप से हिंदू राष्ट्र, सनातन ही इसकी आत्मा, हिंदुओं की एकजुटता से ही संस्कृति, एकता और अखंडता सुरक्षित : महामंडलेश्वर उमाकांतानंद

-रमेश कुमार सिंह- बरेली। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. उमाकांतानंद जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म, संस्कृति और सामाजिक संरचना के कारण भारत स्वाभाविक रूप से हिंदू राष्ट्र है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी हिंदुओं को संगठित होकर राष्ट्र की संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

Jan 31, 2026 - 21:47
Jan 31, 2026 - 21:47
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भारत स्वाभाविक रूप से हिंदू राष्ट्र, सनातन ही इसकी आत्मा, हिंदुओं की एकजुटता से ही संस्कृति, एकता और अखंडता सुरक्षित : महामंडलेश्वर उमाकांतानंद
बरेली में श्री बालाजी महाराज हिंदू सम्मेलन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी उमाकांतानंद महाराज संबोधित करते हुए, मंचासीन प्रोफेसर डॉ. वंदना शर्मा।

नाथ नगरी बरेली में श्री बालाजी महाराज हिंदू सम्मेलन द्वारा आयोजित हिंदू सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए महामंडलेश्वर उमाकांतानंद महाराज ने कहा कि भारत में रहने वाला हिंदू समाज ही इस राष्ट्र की आत्मा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदुओं को केवल अपने धर्म तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

खचाखच भरे पंडाल में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर डॉ. वंदना शर्मा ने अपने ओजस्वी भाषण में कहा कि हिंदू कोई मात्र धर्म नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक और आध्यात्मिक जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को नैतिक और आत्मिक रूप से ऊंचा उठने का मार्ग दिखाती है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का स्मरण करते हुए कहा- गर्व से कहो कि हम हिंदू हैं। विश्व को सभ्यता और संस्कृति का मार्ग दिखाने वाला समाज हिंदू समाज ही है और अपने इस स्वरूप पर गर्व करना आत्मबोध का प्रतीक है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं विभाग सेवा प्रमुख डॉ. रवि शरण ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ सेवा के माध्यम से समाज में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवकों ने पिछले 100 वर्षों में हर आपदा के समय पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा कार्य किए हैं। कोरोना महामारी के कठिन दौर में स्वयंसेवकों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना समाज के हर वर्ग तक सहायता पहुंचाई।

सम्मेलन में हिंदू समाज की एकता, सनातन मूल्यों की रक्षा और राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor