अमेरिका के टैरिफ बम से भारतीय शेयर बाजार हिला, सभी 16 सेक्टर में गिरावट
मुंबई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क (टैरिफ) और रूस से ऊर्जा व रक्षा सौदों पर अतिरिक्त जुर्माने के एलान ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों को झकझोर कर रख दिया। बाजार खुलते ही निवेशकों में अस्थिरता और घबराहट का माहौल बन गया, जिसका असर सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांकों में साफ नजर आया।
सुबह 9:45 बजे तक निफ्टी लगभग 0.61 प्रतिशत गिरकर 24,703 पर और सेंसेक्स करीब 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,963 पर पहुंच गया। शेयर बाजार के सभी 16 प्रमुख क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियों में 0.6 से 0.9 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।
सेंसेक्स 520 अंक और निफ्टी 152 अंक तक गिरा। सभी 16 सेक्टर लाल निशान पर आ गए हैं। रुपये ने 87 प्रति डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया है। निर्यात आधारित सेक्टरों में घबराहट देखी जा रही है।
गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स (पूर्व-सूचकांक वायदा बाजार) में भी 170 से 200 अंकों तक की गिरावट आई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशक आगामी कारोबारी सत्रों को लेकर भी आशंकित हैं।
रुपये ने भी डॉलर के मुकाबले 87 का आंकड़ा पार कर लिया, जिससे आयात-आधारित और विदेशी मुद्रा पर निर्भर सेक्टरों को झटका लगा है। खास तौर से दवा, वस्त्र, ऑटो पार्ट्स, रत्न एवं आभूषण उद्योग जैसे निर्यात-आधारित क्षेत्र इस स्थिति से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं।
अमेरिका की यह कार्रवाई 1 अगस्त से प्रभावी मानी जा रही है, जो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नई चुनौती खड़ी कर सकती है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि यदि अगस्त में प्रस्तावित व्यापार वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो यह तनाव अस्थायी हो सकता है और दोनों देश समान रूप से लाभकारी समझौते की ओर बढ़ सकते हैं।
फिलहाल निवेशकों और उद्योगों में अनिश्चितता गहराई हुई है, और बाजार की निगाहें अमेरिका-भारत के बीच आगे होने वाले किसी भी राजनीतिक या कूटनीतिक घटनाक्रम पर टिकी रहेंगी।