आदिवासी समाज, महिला और संविधान- तीनों का अपमान, लोकसभा की घटना पर पीएम मोदी का राज्यसभा में तीखा प्रहार, कांग्रेस को घेरा, टीएमसी और आप पर भी प्रहार, नर्मदा बांध से लेकर ग्लोबल साउथ तक गिनाईं उपलब्धियां

नई दिल्ली। लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान हुए हंगामे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा और व्यापक हमला बोला। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने न केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान किया, बल्कि एक आदिवासी महिला, महिला सम्मान और स्वयं संविधान को ठेस पहुंचाई। उन्होंने लोकसभा की घटनाओं को लोकतंत्र के मंदिर को चोट पहुंचाने वाला कृत्य करार दिया और कहा कि ऐसे व्यवहार के लिए विपक्ष को देश से जवाब देना ही पड़ेगा।

Feb 5, 2026 - 19:55
Feb 5, 2026 - 19:58
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आदिवासी समाज, महिला और संविधान- तीनों का अपमान, लोकसभा की घटना पर पीएम मोदी का राज्यसभा में तीखा प्रहार, कांग्रेस को घेरा, टीएमसी और आप पर भी प्रहार, नर्मदा बांध से लेकर ग्लोबल साउथ तक गिनाईं उपलब्धियां

प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबी से निकलकर राष्ट्रपति पद तक पहुंची आदिवासी समाज की महिला के साथ लोकसभा में जो व्यवहार हुआ, वह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज, महिलाओं और संविधान का अपमान है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने राष्ट्रपति शब्द का अपमान किया, उन्हें संविधान शब्द बोलने का भी नैतिक अधिकार नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा की घटनाओं को दर्दनाक बताते हुए कहा कि कांग्रेस की हताशा और निराशा समझ में आती है, लेकिन संसद जैसी पवित्र संस्था में ऐसा आचरण लोकतंत्र को कमजोर करता है। उन्होंने याद दिलाया कि जिस समय लोकसभा में कागज फेंके गए और टेबलों पर चढ़कर नारेबाजी हुई, उस समय आसन पर असम के सांसद बैठे थे। प्रधानमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या यह नॉर्थ-ईस्ट और असम के नागरिकों का अपमान नहीं था। अगले दिन जब आंध्र प्रदेश के दलित परिवार से आने वाले सांसद आसन पर थे, तब भी वही व्यवहार दोहराया गया, जो दलित समाज का भी अपमान है।

प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बुधवार को जब वे लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, तब कांग्रेस की कुछ महिला सांसदों ने उनके आसन को घेर लिया। अप्रिय स्थिति की आशंका को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आग्रह पर उन्हें सदन में नहीं आना पड़ा और बिना उनके जवाब के ही धन्यवाद प्रस्ताव पारित करना पड़ा।

राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात में नर्मदा बांध के निर्माण के लिए उन्हें तीन दिन तक अनशन करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने नर्मदा बांध का सपना देखा था, नेहरू जी ने उसका शिलान्यास किया, लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें उसका उद्घाटन करने का अवसर मिला और सरदार पटेल का सपना साकार हुआ।

प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग भाषण के बीच सदन से वॉकआउट कर जाते हैं, उन्हें कभी न कभी यह जवाब देना पड़ेगा कि देश को किस हालत में छोड़कर गए थे। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व मंच पर इसलिए सम्मान पा रहा है, क्योंकि देश की आर्थिक शक्ति बढ़ी है और नीतियां स्पष्ट हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत ‘विश्व मित्र’ और ‘विश्व बंधु’ के रूप में उभर रहा है। ग्लोबल साउथ की चर्चा पूरी दुनिया कर रही है और भारत उसकी सबसे सशक्त आवाज बनकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि भारत ने भविष्य के लिए तैयार कई व्यापार समझौते किए हैं, जिनमें एक साथ 27 देशों के साथ हुआ बड़ा समझौता भी शामिल है।

कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की नींव मजबूत की जा रही है, जबकि कांग्रेस मोदी तेरी कब्र खुदेगी...जैसे नारे लगवा रही है। उन्होंने सवाल किया कि जो लोग मोहब्बत की दुकान की बात करते हैं, वही इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं और यह किस संविधान से सीखा गया है।

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर दलितों, आदिवासियों और सिखों के प्रति गहरी नफरत रही है। उन्होंने एक एक सिख मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहे जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वह सिख समाज और गुरुओं का अपमान था। उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली को “लटकाना, अटकाना और भटकाना” बताते हुए कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने देश के विकास के लिए ठोस काम नहीं किया।

प्रधानमंत्री ने टीएमसी सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में एक क्रूर सरकार गिरावट के नए रिकॉर्ड बना रही है, लेकिन वहां की सत्ता को सिर्फ कुर्सी से मतलब है। उन्होंने अवैध घुसपैठ और अदालतों पर दबाव डालने के आरोप भी लगाए।

पीएम मोदी ने कहा, "एक सांसद बहुत सारी बातें कह रहे थे। उनकी पूरी सरकार शराब में डूबी हुई है। उनका 'शीशमहल' हर घर में नफरत की वजह बन गया... चाहे कांग्रेस हो, टीएमसी हो, डीएमके हो, लेफ्ट हो - ये दशकों तक केंद्र में सत्ता में थे। वे राज्यों में भी सत्ता में थे। लेकिन उनके समय में जब डील की बात होती थी, तो उनको बोफोर्स डील याद आता था।

आर्थिक मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब नीतियों और रणनीतियों के आधार पर चल रहा है। ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र के साथ भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है और विकास दर के मामले में अग्रणी देशों में शामिल है।

शायराना अंदाज में विपक्ष पर वार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा- ‘तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे।‘ उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का दूसरा चतुर्थांश विकसित भारत के निर्माण के लिए निर्णायक साबित होगा और देश को न रुकना है, न थमना है।

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SP_Singh AURGURU Editor