मुसीबत में साथ खड़े रहे भारत के प्रति ईरान का आभार, बरेली में आयतुल्लाह मजीद हकीमी का बड़ा संदेश
बरेली के सेंथल कस्बे में आयोजित ताजियती जलसे में आयतुल्लाह अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने हिंदुस्तान की जनता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि मुश्किल वक्त में भारत ने जो साथ दिया, उसे ईरान कभी नहीं भूलेगा। अपने संबोधन में उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर तीखा हमला बोलते हुए वैश्विक हालात पर भी गंभीर टिप्पणी की।
-आरके सिंह-
बरेली। आयतुल्लाह अब्दुल मजीद हकीम इलाही, जो आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि हैं, बुधवार को बरेली जनपद के कस्बा सेंथल पहुंचे। मदरसा जामा मेहंदिया में स्थानीय जनता और छोटी बच्चियों ने गुलाब भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया।
स्वागत के पश्चात उन्होंने जलसे को संबोधित करते हुए बार-बार हिंदुस्तान की जनता का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, मुसीबत की इस घड़ी में हिंदुस्तान की जनता हमारे साथ खड़ी है, यह हमारे लिए हमेशा याद रखने वाला वक्त है। ईरान हिंदुस्तानियों की इस मोहब्बत का हमेशा सम्मान करता रहेगा।
अपने भाषण में उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिका को यह भ्रम था कि वह तीन दिन में ईरान को खत्म कर देगा, लेकिन वह खुदा की मर्जी को भूल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आधुनिक हथियारों के बावजूद 20 देशों की ताकत भी ईरान को झुका नहीं सकी। उन्होंने कहा कि इन ताकतों ने इंसानियत और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी करते हुए बच्चों तक को निशाना बनाया।
इमामबाड़ा जुल्फिकार हसनैन में आयोजित ताजियती जलसे में उन्होंने शोक सभाओं के आयोजन पर आभार व्यक्त किया और कहा कि इन 40 दिनों में विरोधियों को खुदा ने जलील किया। कार्यक्रम का संचालन मौलाना रियाज असकरी ने किया।
इस अवसर पर शाहीन रजा जैदी, अश्जे रज जैदी, मौलाना फराज वास्ती सहित कई वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
अपने संबोधन में आयतुल्लाह ने भारत और ईरान के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच भाईचारा, धार्मिक सहिष्णुता और शांति का संदेश सदियों से कायम है। उन्होंने मुस्लिम समाज से शिक्षा, एकता और सामाजिक सुधार पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ धार्मिक मूल्यों को अपनाने की नसीहत दी गई और वैश्विक स्तर पर शांति व मानवता के संदेश को फैलाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का समापन दुआ के साथ हुआ, जिसमें देश और दुनिया में अमन-चैन की कामना की गई।
ताजियती जलसे के समापन के बाद आयतुल्लाह अब्दुल मजीद हकीम इलाही सेंथल के मोहल्ला पछायां स्थित इमामबारगाह जुल्फिकार हसनैन पहुंचे, जहां उन्होंने उपस्थित लोगों की मोहब्बत की सराहना की।
इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक शीराज जैदी, फ़रोग हैदर, अथर अब्बास अल्वी, अरमान हुसैन, नगर पंचायत अध्यक्ष कम्बर एजाज शानू, हुसैन विकार, गुलाब हसन, महताब हैदर, अकबर ज़हीर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन मेहंदिया ग्रुप ऑफ स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर मौलाना रियाज असकरी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित रहीं।
इससे पूर्व जाम ए मेहदिया में उनका स्वागत किया गया। इसके अलावा वह बरेली के किला क्षेत्र स्थित काला इमामबाड़ा भी पहुंचे, जहां लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मौलाना क़मर हसनैन छौलस और मौलाना तकी हैदर (दिल्ली) भी उनके साथ मौजूद रहे।