जेल में बंद कैदियों में वोट कटने का डर, बरेली प्रशासन का आश्वासन—मताधिकार सुरक्षित रहेगा
बरेली की जिला और सेंट्रल जेलों में बंद कैदियों के मन में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान वोटर लिस्ट से नाम कटने का भय गहराने लगा है, जबकि प्रशासन स्पष्ट कर चुका है कि जेल में बंद, लेकिन सज़ायाफ्ता नहीं हुए लोग मताधिकार से वंचित नहीं होंगे। परिजन जमानत, दस्तावेज़ सत्यापन और एसआईआर फार्म जमा कराने में युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं, वहीं बीएलओ और निर्वाचन विभाग आश्वस्त कर रहे हैं कि पात्र कैदियों का वोट कायम रहेगा।
-रमेश कुमार सिंह-
बरेली। जिला जेल और सेंट्रल जेल में बंद कैदियों में यह आशंका बढ़ने लगी है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान उनका नाम वोटर लिस्ट से न कट जाए। कई अभियुक्त पंचायत चुनाव लड़ने या अपने परिजनों को चुनाव लड़ाने की तैयारी में हैं, इसलिए उन्हें मताधिकार खोने का डर सताने लगा है।
जेलों में बंद लोगों के परिजन लगातार बीएलओ, तहसील और कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं ताकि उनके वोट सुरक्षित रह सकें।
प्रशासन का स्पष्ट आश्वासन- मताधिकार से वंचित नहीं होंगे पात्र कैदी
उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि जेल में बंद लोगों को एसआईआर फार्म भरने के लिए बाहर आने की कोई आवश्यकता नहीं है। उनके परिजन फार्म जमा कर देंगे, तो उसे मान्य किया जाएगा। सिर्फ सज़ायाफ्ता कैदियों को मतदान का अधिकार नहीं होता, बाकी सभी मताधिकार रखेंगे और चुनाव भी लड़ सकते हैं।
जमानत की बेचैनी और विरोधियों की चाल का डर
फतेहगंज पूर्वी निवासी 23 वर्षीय सौरभ, जिन्हें आबकारी एक्ट में जेल भेजा गया है, उनके पिता राजकुमार चिंतित हैं कि कहीं विरोधी यह कहकर वोट न कटवा दें कि वह जेल में है। उनका उद्देश्य है कि सौरभ जल्द जमानत पर बाहर आए और वे उसे प्रधानी का चुनाव लड़वाएं।
इसी तरह आंवला क्षेत्र के ओमेंद्र शर्मा के पिता बीएलओ से बार-बार पुष्टि कर चुके हैं कि फार्म जमा है और वोट नहीं कटेगा।
उपद्रव में बंद कैदियों में भी बढ़ती चिंता
26 सितंबर 2025 के उपद्रव में गिरफ्तार 80 से अधिक लोग जेल में हैं, जिनमें कई लोग सभासद चुनाव लड़ने की तैयारी में थे या उनके परिजन। ऐसे कैदियों के परिवार एसआईआर के दौरान नाम कटने के भय से लगातार बीएलओ संपर्क में हैं।
ग्राम क्षेत्र में बढ़ी सजगता: दो जगह वोट बनाने पर चेतावनी
निकटवर्ती पंचायत चुनाव के चलते ग्रामीण क्षेत्र के परिवार बेहद सतर्क हो गए हैं। जो युवक बाहर नौकरी पर हैं, उनके वोट स्थायी पते पर ही बने रहें, इसके लिए मोबाइल पर फोटो और आधार मंगाए जा रहे हैं। घर वाले समझा रहे हैं कि नौकरी स्थल पर वोट बनवाने का आवेदन न करें, क्योंकि दो जगह वोट होना कानूनी जोखिम है।
एसआईआर पुनरीक्षण प्रगति: बरेली जिला मतदाता सूची में सबसे जागरूक
उप जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार जनपद में 894 बूथों का 100% पुनरीक्षण हो चुका है जबकि 2041 बूथों का 90%, 2821 बूथों का 80% और 3226 बूथों का 70% पुनरीक्षण पूरा हो चुका है।
ये आंकड़े बताते हैं कि जिले के मतदाता और प्रशासन दोनों मतदान अधिकारों को लेकर बेहद सजग हैं।