खट्टर हो सकते हैं भाजपा के नए अध्यक्ष, चुनाव की तारीख की घोषणा आज संभव
नई दिल्ली। बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम लगभग तय हो गया है। पीएम मोदी के स्वदेश लौटते ही इस पर औपचारिक मुहर लग जाएगी। समझा जाता है कि केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। भाजपा के बेहद खास सूत्रों ने बताया की खट्टर का नाम लगभग तय हो चुका है। वह पीएम मोदी के बेहद करीबी हैं।
बीजेपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया है कि गुरुवार (आज) शाम पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी और ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष डॉ के लक्ष्मण की अगुवाई में एक बैठक हो रही है, जिसमें चुनाव की तारीख पर औपचारिक मुहर लगेगी। बीजेपी की राष्ट्रीय चुनाव समिति में लोकसभा सांसद संबित पात्रा भी सदस्य हैं और इनकी पार्टी के महासचिव (संगठन) बीएल संतोष के साथ एक बैठक में इसकी तारीख तय होनी है।
बीजेपी पदाधिकारी के अनुसार केंद्रीय आवास और शहरी मामले और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना लगभग तय है। उन्होंने कहा कि "90 प्रतिशत खट्टर ही बन रहे हैं।" वह पीएम मोदी के भी भरोसेमंद हैं और संघ भी उनके नाम पर सहमत है।
71 वर्षीय हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर अभी राज्य की करनाल लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हरियाणा के रोहतक में जन्मे खट्टर पंजाबी बिरादरी से आते हैं। 2014 में हरियाणा के सीएम बनने से पहले वे बीजेपी के संगठन का ही काम संभाल रहे थे। उससे पहले वे लंबे समय तक आरएसएस के प्रचारक थे। वे 1977 से ही संघ से जुड़ गए और आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर खुद को जन सेवा के लिए समर्पित किया। आरएसएस के प्रचारक के तौर पर उन्होंने 14 साल काम किया और फिर 1994 से इसके राजनीतिक संगठन बीजेपी में सक्रिय हो गए। हरियाणा में ही उन्हें सबसे पहले पीएम मोदी के साथ मिलकर संगठन का काम करने का मौका मिला था।
भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी, 2023 में ही पूरा हो चुका था। 2019 में उन्हें अमित शाह की जगह पहले कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और बाद में उन्हें पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुन लिया गया। 2023 में उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए उनके कार्यकाल को बढ़ा दिया। पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल में उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनाया गया। तब लगा कि उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी से जल्द मुक्ति मिल जाएगी। क्योंकि, बीजेपी में एक व्यक्ति, एक पद की व्यवस्था का प्रचलन है। लेकिन, इसके बाद एक-एक करके विधानसभा चुनाव होते गए और नड्डा अपने पद पर बने रहे। फिर पार्टी के संगठनात्मक चुनावों की वजह से नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव टलता गया। अब ज्यादातर राज्यों में संगठन का चुनाव पूरा हो चुका है, इसलिए जुलाई में पार्टी को नए अध्यक्ष मिल जाना तय माना जा रहा है।