जेल की दीवारों में घुटा जीवन: उम्र कैद भुगत रहे कैदी ने बरेली सेंट्रल जेल में की आत्महत्या
-आरके सिंह- बरेली। बरेली सेंट्रल जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे एक 31 वर्षीय कैदी ने गुरुवार को बैरक के पास बने शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान लखीमपुर खीरी जिले के थाना गोला क्षेत्र निवासी मुकेश के रूप में हुई है, जो वर्ष 2022 से जेल में बंद था।
376 पास्को मामले में उम्रकैद की सजा
सूत्रों के अनुसार, मुकेश को वर्ष 2021 में लखीमपुर खीरी में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिया गया था। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके बाद 2022 में उसे बरेली सेंट्रल जेल भेजा गया था। जेल अधिकारियों के मुताबिक, उसने सुबह शौचालय में जाकर फांसी लगा ली।
डीआईजी जेल ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीआईजी जेल कुंतल किशोर ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा, कैदी ने आत्महत्या क्यों की, इसका पता लगाया जाएगा। अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस मौके पर पहुंची, शव पोस्टमार्टम को भेजा गया
इज्जतनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक बृजेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस जेल परिसर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।
कई सवालों को जन्म देती घटना
इस घटना ने जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह जांच का विषय है कि एक उम्रकैद काट रहा कैदी आखिरकार आत्महत्या जैसे कदम तक क्यों पहुंचा? क्या उसे मानसिक रूप से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला, या जेल में मानवीय संवेदनाओं का अभाव इस निर्णय का कारण बना?