ताज के साये में पनपी मोहब्बत, आगरा में मिली दो दिलों की कहानी, जो याद बनकर रह गई
आगरा में ताजमहल घूमने आई एक अमेरिकी युवती और स्थानीय टूरिस्ट गाइड के बीच दोस्ती से शुरू हुई मोहब्बत कुछ महीनों तक चली। युवती के अमेरिका लौटने के फैसले पर विवाद हुआ, मामला पर्यटन थाना पहुँचा, लेकिन युवती ने किसी कानूनी कार्रवाई से इनकार किया। पूछताछ के बाद दोनों अलग हो गए और कहानी एक याद बनकर रह गई।
आगरा। प्यार की सबसे खूबसूरत निशानी ताजमहल सिर्फ संगमरमर की इमारत नहीं, बल्कि जज़्बातों की ज़मीन भी है। जहां कभी शाहजहां और मुमताज़ की मोहब्बत अमर हुई, वहीं आज भी अनजानी मुलाकातें नई कहानियां रच देती हैं। ऐसी ही एक कहानी अमेरिका से आई एक युवती और आगरा के एक स्थानीय टूरिस्ट गाइड के बीच ताज के साये में शुरू हुई।
दोस्तों के साथ भारत घूमने निकली युवती जब आगरा पहुंची, तो ताजमहल की खूबसूरती और यहां की संस्कृति ने उसका दिल जीत लिया। ताज के दीदार के दौरान उसकी मुलाकात एक स्थानीय टूरिस्ट गाइड से हुई। शुरुआत औपचारिक बातचीत से हुई। इतिहास, कला और मोहब्बत की कहानियों से, लेकिन समय के साथ ये मुलाकातें मुस्कुराहटों और साझा लम्हों में बदलने लगीं।
कुछ ही दिनों में दोस्ती गहरी हो गई। दोनों ने आगरा के अलावा आसपास की जगहों पर भी साथ घूमना शुरू किया। बताया जा रहा है कि युवती करीब तीन महीने तक भारत में ही रुकी रही। इस दौरान वे अलग-अलग होटलों और ठिकानों पर ठहरते रहे, एक-दूसरे के साथ समय बिताते रहे और ज़िंदगी को करीब से जानने लगे। ताजमहल की शामें, यमुना किनारे की हवाएं और पुरानी गलियों की रौनक, सब उनकी यादों का हिस्सा बनती चली गईं।
लेकिन हर कहानी में एक मोड़ आता है। जब युवती ने अचानक अमेरिका लौटने की बात कही, तो यही पल उनकी मोहब्बत का सबसे बड़ा इम्तिहान बन गया। गुरुवार को इसी मुद्दे पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई और बात पर्यटन थाना तक जा पहुँची। पुलिस ने दोनों को बुलाकर शांतिपूर्वक बातचीत कराई।
पुलिस के अनुसार युवती ने किसी भी तरह की कानूनी शिकायत देने से इनकार किया। उसने लिखित रूप में स्पष्ट किया कि गाइड उसका दोस्त है और वह किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहती। युवती ने यह भी बताया कि वह बालिग है और अपने फैसले स्वयं लेने में सक्षम है।
पूछताछ के बाद युवती भारत से अमेरिका लौट गई, जबकि गाइड को समझा कर छोड़ दिया गया। ताजमहल के साये में पनपी यह मोहब्बत आखिरकार एक खूबसूरत याद बनकर रह गई। एक ऐसी कहानी, जो कुछ महीनों तक दो दिलों को करीब लाई और फिर दो देशों के बीच की दूरी में खो गई।