चुनाव आयोग के दफ्तर जाते समय राहुल, प्रियंका, अखिलेश समेत कई नेता हिरासत में लिए गए

नई दिल्ली। विपक्ष के सांसदों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित 'वोट चोरी' के खिलाफ सोमवार (11 अगस्त) को संसद से पैदल मार्च निकाला। ये सांसद चुनाव आयोग के दफ्तर जाने वाले थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इन्हें बीच में ही रोक दिया और इसके बाद हिरासत में भी ले लिया गया। राहुल के साथ-साथ प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी मार्च में हिस्सा लिया। अखिलेश तो बैरिकेडिंग भी फांद गए।  

Aug 11, 2025 - 15:38
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चुनाव आयोग के दफ्तर जाते समय राहुल, प्रियंका, अखिलेश समेत कई नेता हिरासत में लिए गए


हिरासत में लिए गए नेताओं को संसद मार्ग थाने ले जाया गया, जहां पुलिस ने उन्हें कुछ देर बाद छोड़ दिया। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक राहुल ने कहा, ''सच्चाई देश के सामने है। यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है, यह संविधान को बचाने की लड़ाई है, ‘एक व्यक्ति एक वोट’ की लड़ाई है। हम एक साफ-सुथरी और सही मतदाता सूची चाहते हैं।''

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'एक्स' पोस्ट शेयर करके कहा, ''भाजपा की कायराना तानाशाही नहीं चलेगी। ये जनता के वोट के अधिकार को बचाने की लड़ाई है। यह लोकतंत्र को बचाने का संघर्ष है। ‘इंडिया’ गठबंधन के साथी संविधान की धज्जियां उड़ाने वाली इस भाजपाई साजिश को बेनकाब करके ही रहेंगे।''
 
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पुलिस के रोके जाने के बाद बैरीकेड फांदकर दूसरी तरफ चले गए। उन्होंने कहा, ''हम वोट बचाने के लिए बैरिकेड फांद रहे हैं। जिन लोगों ने वोट काटे हैं, उनके खिलाफ चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए। 18 हजार वोटों को मतदाता सूची से हटाया था, जिनकी सूची मैंने खुद दी है। आयोग ने हलफनामा मांगा, हमने दे दिया। हर किसी को मतदान करने का अवसर मिलना चाहिए।''

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष, कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि और संजना जाटव पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड पर खड़ी हो गईं और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान टीएमसी की नेता मिताली बाग बेहोश हो गईं।

संसद के मकर द्वार के सामने मार्च शुरू करने से पहले विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रगान गाया। इससे पहले परिवहन भवन के पास पीटीआई बिल्डिंग के सामने रोके जाने पर सांसद सड़क पर ही बैठक गए और 'वोट चोरी बंद करो' जैसे नारे लगाने लगे। इस मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और कई अन्य दलों के नेता शामिल हैं।