मुनीर ने माना, आपरेशन सिंदूर के दौरान कांप रहा था पाकिस्तान, अल्लाह की मदद से बचे थे
पाकिस्तान के सेना चीफ असीम मुनीर ने माना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनका देश अल्लाह की मदद से बच पाया। पहली बार पाकिस्तान की सेना ने कबूल किया है कि भारत के हमले से वह कैसे कांपने लगी थी।
इस्लामाबाद। पाकिस्तानी फौज के चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने आखिरकार खुद कबूल कर लिया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को ' अल्लाह से मदद' मिली। पाकिस्तानी सेना चीफ इस्लामाबाद में नेशनल उलेमा कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे और उसी दौरान उनके दिल में छिपी सच्चाई उनकी जुबां पे आ गई। चार दिन के इस सैन्य संघर्ष में भारतीय सशस्त्र सेना ने पहले पाकिस्तान और उसके कब्जे वाली कश्मीर में मौजूद आतंकवादी ठिकाने तबाह किए थे और फिर पाकिस्तान के उकसावे के बाद उसके सैन्य ठिकाने और एयरफोर्स बेस को मिट्टी में मिला दिया था।
पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने कबूल किया है कि भारत के साथ मई में सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान और उसकी सेना को अल्लाह से सहायता मिली, नहीं तो पता नहीं क्या होता। उन्होंने कहा, '...और हमने अल्लाह की मदद आते हुए देखी, महसूस की..हमने महसूस किया।' दरअसल, भारी तबाही के बाद थर-थर कांप रही पाकिस्तानी सेना के डीजीएमओ ने अपने भारतीय समकक्ष से फौरन सीजफायर की अपील की थी, तब जाकर भारत ने पाकिस्तानी सेना पर अपनी जवाबी कार्रवाई रोक दी थी।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इस हमले कुल 25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली पर्यटक की पाकिस्तानी आतंकियों ने बेरहमी से कत्ल कर दिया था। इसके जवाब में भारत की ओर से शुरू हुआ, ऑपरेशन सिंदूर कुल चार दिन चला और 10 मई को पाकिस्तानी सेना के अनुरोध पर ऑपेशन सिंदूर पर अस्थायी ब्रेक लगा दिया गया।
शुरू में पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों और बाद में पाकिस्तानी फौज के ठिकानों को तबाह करने के लिए भारत ने कुल 4 महत्वपूर्ण घातक हथियारों का इस्तेमाल किया था। इसमें भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस, लॉन्ग रेंज एयर लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल स्कैल्प, प्रिसिजन-गाइडेड बॉम्ब हैमर और कामिकेज या लोइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन शामिल हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जहां भारत की ओर से राफेल फाइटर जेट से स्कैल्प और हैमर म्यूनिशन दागे गए, वहीं सुखोई एसयू-30एमकेआई से ब्रह्मोस मिसाइलें दागी गईं। वहीं, स्वदेशी आकाश मिसाइल सिस्टम और रूसी एस-400 मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तानी आक्रमण को नाकाम करने में बड़ी सहायता की।