बरेली में राष्ट्रीय संगोष्ठी: योग ही है स्वास्थ्य, सुख और सद्भाव की कुंजी
-आरके सिंह- बरेली। स्वास्थ्य, प्रसन्नता और जीवन में संतुलन, इन तीनों का मेल ही जीवन की पूर्णता है और आधुनिक भागदौड़ भरी दिनचर्या में यही तीनों सबसे अधिक छूटते जा रहे हैं। इन मूल्यों की पुनर्प्राप्ति के लिए योग ही एकमात्र सहज उपाय है। यही संदेश रहा महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का, जिसका विषय था ‘योगा फॉर हेल्थ, हैप्पीनेस एंड हार्मनी।’
इस संगोष्ठी का आयोजन विश्वविद्यालय के एप्लाइड फिलॉसफी एवं योग विभाग द्वारा विभागाध्यक्ष प्रो. ए. के. सिंह के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में आयुष मंत्रालय, दिल्ली के वरिष्ठ शोध अधिकारी डॉ. राम नारायण मिश्र, महर्षि योगपीठ लखनऊ के योग विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार श्रीवास, बरेली कॉलेज के दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. अवधेश कुमार त्रिपाठी, और बरेली वेलनेस सेंटर की योग प्रशिक्षक डॉ. गरिमा सिंह बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित रहे।
प्रो. ए. के. सिंह ने कहा, योग केवल आसन नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन और विचारों की शुद्धि का मार्ग है। यदि योग को जीवनशैली बना लिया जाए तो व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से परिपूर्ण हो सकता है।
डॉ. राम नारायण मिश्र ने कहा, योग से मानसिक स्वास्थ्य में चमत्कारी सुधार होता है। ध्यान (मेडिटेशन) मस्तिष्क के न्यूरॉन्स को विश्राम देता है, जिससे मानसिक शांति प्राप्त होती है। यह केवल परंपरा नहीं, विज्ञान-सिद्ध प्रणाली है।
डॉ. सुनील कुमार श्रीवास ने योग को आत्मा की सीढ़ी बताते हुए कहा, स्वस्थ शरीर आत्मिक प्रगति की पहली शर्त है। ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन और कटि चक्रासन जैसे आसनों से शरीर रोगमुक्त रहता है और ध्यान से चित्त स्थिर होता है।
डॉ. गरिमा सिंह ने कहा, सरकार देशभर में वेलनेस सेंटर चला रही है, जहां आमजन निःशुल्क योग सीख सकते हैं। ऐसे केंद्रों के प्रति समाज को जागरूक करना समय की मांग है।
प्रो. अवधेश कुमार त्रिपाठी ने योग के दार्शनिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा, योग आत्म-परिचय की प्रक्रिया है, जो व्यक्ति को स्वयं से मिलवाती है और आंतरिक संतुलन का मार्ग प्रशस्त करती है।
इस संगोष्ठी में छात्रों, शिक्षकों और शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी वक्ताओं ने योग को आधुनिक जीवन की आवश्यकता करार देते हुए इसे दैनिक जीवन में शामिल करने की अपील की।
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