कल ( बुधवार) को देशव्यापी हड़ताल, स्कूल, कालेज और बैंकिंग सेवाएं रह सकती हैं ठप

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ बुधवार (9 जुलाई, 2025) को भारत के 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक फोरम ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। इस दौरान पूरे देश में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा। देश के 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी और मजदूर बुधवार को भारत बंद करेंगे। भारत बंद का पूरे देश पर व्यापक रूप से असर पड़ने वाला है। इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल से देशभर के आर्थिक, शैक्षणिक और कई प्रमुख संस्थानों और सेवाओं पर असर पड़ेगा। इसमें बैंकिंग, बीमा, डाक और कोयला खनन जैसे कई सेक्टरों के कामगार शामिल होंगे।

Jul 8, 2025 - 22:22
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कल ( बुधवार) को देशव्यापी हड़ताल, स्कूल, कालेज और बैंकिंग सेवाएं रह सकती हैं ठप


ट्रेड यूनियनों के फोरम ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है। फोरम ने बयान में कहा कि पिछले 10 सालों से सरकार ने वार्षिक श्रम सम्मेलन का आयोजन नहीं किया है। इसके अलावा, लगातार कई ऐसे फैसले भी लिए जा रहे हैं, जो मजदूरों के हित के खिलाफ हैं।

हिंद मजदूर सभा के हरभजन सिंह सिद्धू ने कहा कि इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल जिन प्रमुख सेवाओं पर असर पड़ेगा, उनमें बैंकिंग सेवाएं, राज्य परिवहन सिस्टम, डाक सेवाएं और कोयला खनन एवं फैक्ट्री प्रभावित होंगी। 

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने किसी तरह की आधिकारिक बंदी की घोषणा नहीं की है। फिर भी बैंक कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से बैंकिंग सेवाओं में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

इस हड़ताल का असर देशभर के सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी हो सकता है। हालांकि, राज्य सरकारों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन यूनियनों के बयान में कहा गया है कि परिवहन सेवाओं में व्यापक व्यवधान आने की संभावना है।

भारतीय डाक सेवा पर इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का काफी प्रभाव हो सकता है। इससे लोगों के घर पहुंचने वाली रजिस्ट्री और कई तरह के डॉक्यूमेंट्स में देरी हो सकती है।

हड़ताल में कोयला और गैर-कोयला खनिज की फैक्ट्रियां और संगठन भी हिस्सा लेंगे। इससे न सिर्फ इन सेवाओं में बल्कि कोयले पर पर निर्भर अन्य सेवाओं में भी रुकावट आ सकती है।

हड़ताल का असर देशभर के स्कूल-कॉलेजों, बाजारों और प्राइवेट ऑफिसों में देखने को मिलेगा। पूरे देश में परिवहन सेवा से जुड़े लोगों से हड़ताल में शामिल होने के कारण बच्चों के स्कूल और कॉलेज आने-जाने में भी परेशानी हो सकती है। वहीं, बंदी के कारण बाजारों पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। हालांकि प्राइवेट दफ्तरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने एक बयान जारी कर कहा कि इंडिया गठबंधन इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन करता है और बुधवार (9 जुलाई) को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बिहार की राजधानी पटना में  सुबह साढ़े 9 बजे इनकम टैक्स गोलंबर से वीरचंद पटेल पथ, शहीद स्मारक होते हुए चुनाव आयोग के कार्यालय तक पैदल मार्च सह विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। इस प्रदर्शन में राजद नेता तेजस्वी यादव समेत इंडिया गठबंधन के कई अन्य नेता भी मौजूद रहेंगे।

वहीं, भारतीय मजदूर संघ ने बुधवार (9 जुलाई) को होने वाले देशव्यापी हड़ताल में शामिल होने से इनकार कर दिया है। संघ के अखिल भारतीय महामंत्री रविंद्र हिमते ने कहा कि भारत सरकार ने देश में प्रभावी 29 श्रम कानून के स्थान पर चार नए लेबर कोड का निर्माण साल 2019 और 2020 के दौरान किया। इनमें से दो श्रम कोड को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने समर्थन दिया है।

भारतीय मजदूर संघ ने कहा, “हम हड़ताल का समर्थन नहीं करते हैं और अपनी यूनियनों का आह्वान करते हैं कि हमें ऐसी किसी भी हड़ताल में शामिल नहीं होना चाहिए। 9 जुलाई का राष्ट्रव्यापी हड़ताल विशुद्ध रूप से राजनीति से प्रेरित है।”