भारत से जंग में शहबाज और मुनीर हुए फेल तो लंदन से दौड़े- दौड़े पाक पहुंचे नवाज, संभाली कमान
इस्लामाबाद। भारत के साथ युद्ध जैसे हालात के बीच जनरल असीम मुनीर के इशारे पर नाच रहे पीएम शहबाज शरीफ से देश संभल नहीं रहा है। यही वजह है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अचानक से लंदन में चल रहा अपना इलाज बीच में छोड़कर पाकिस्तान पहुंच गए हैं।
यही नहीं नवाज शरीफ ने गुरुवार को भारत-पाकिस्तान तनाव पर प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा भी लिया। इस बैठक में पाकिस्तान के सभी बड़े मंत्री और आला भी मौजूद थे। यही नहीं नवाज शरीफ अब पर्दे के पीछे से भारत के साथ दोस्ती के लिए गुजारिश करने में जुट गए हैं ताकि तनाव को कम किया जा सके। पीएम मोदी के कार्यकाल के शुरुआती दिनों में नवाज शरीफ से अच्छी दोस्ती थी। अब नवाज शरीफ इसी दोस्ती की याद दिलाकर भारत से हमले रोकने के लिए गुहार लगा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पहलगाम हमले और भारत के सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद नवाज शरीफ घबरा गए। इसके बाद वह तत्काल लंदन से पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए ताकि दोनों देशों में तनाव को कम किया जा सके। नवाज शरीफ भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जमाने से लगातार भारत के साथ शांति के लिए बातचीत कर चुके हैं। अब वह इसी को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। नवाज को उम्मीद है कि पीएम मोदी सरकार एक बार फिर से उनकी बात पर भरोसा करेगी। नवाज शरीफ लंदन से आने के बाद पर्दे के पीछे से काम कर रहे थे लेकिर अब वह पहली बार खुलकर पीएम की बैठक में शामिल होने लगे हैं।
नवाज शरीफ ने लंदन से आने के बाद शहबाज शरीफ से शांति से काम करने के लिए कहा। इसके बाद भारत को सबक सीखाने की गीदड़भभकी देने वाले शहबाज के सुर बदले हैं। अब कहा जा रहा है कि नवाज शरीफ चाहते हैं कि शहबाज सरकार सभी राजनयिक तरीकों का इस्तेमाल करे और दोनों ही परमाणु हथियारों से लैस देशों के बीच फिर से शांति बहाल हो। नवाज शरीफ नहीं चाहते हैं कि पाकिस्तान आक्रामक रुख अपनाए। भारत के पाकिस्तान में जोरदार जवाबी कार्रवाई के बाद अब पूर्ण युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में अब सबकी नजरें नवाज शरीफ पर हैं।