नितिन नबीन भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाये गये, 45 की उम्र में मिली शीर्ष जिम्मेदारी, वर्तमान में बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं नितिन

भारतीय जनता पार्टी ने आज एक चौंकाने वाला फैसला लिया। बिहार के कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। नितिन नवीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाना भाजपा के भीतर युवा नेतृत्व, संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति, तीनों का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

Dec 14, 2025 - 18:13
Dec 14, 2025 - 20:08
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नितिन नबीन भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाये गये, 45 की उम्र में मिली शीर्ष जिम्मेदारी, वर्तमान में बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं नितिन
नितिन नवीन।

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लेते हुए बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री पद संभाल रहे नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। महज 45 वर्ष की आयु में यह जिम्मेदारी संभालने वाले नितिन नवीन भाजपा के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के नेता बन गए हैं। इस नियुक्ति को राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा की रणनीतिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।

पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नितिन नबीन का संगठनात्मक अनुभव, जमीनी पकड़ और प्रशासनिक क्षमता उन्हें इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है। उनकी नियुक्ति से भाजपा के अंदर चल रहे तमाम कयासों पर विराम लग गया है और राजनीतिक हलकों में यह फैसला चर्चा का केंद्र बन गया है।

राजनीतिक विरासत और मजबूत पारिवारिक पृष्ठभूमि

नितिन नबीन का जन्म पटना में हुआ। उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक रहे हैं। राजनीतिक संस्कार उन्हें विरासत में मिले, लेकिन संगठन में अपनी पहचान उन्होंने मेहनत और निरंतर सक्रियता के बल पर बनाई।

बांकीपुर से लगातार पांचवीं बार विधायक चुने गये

नितिन नबीन पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और लगातार पांच बार जनता का भरोसा जीत चुके हैं। यह उपलब्धि न केवल उनकी लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि वे ज़मीनी राजनीति में कितने मजबूत हैं। मतदाताओं के बीच उनकी स्वीकार्यता और संगठन पर पकड़ भाजपा के लिए बड़ी पूंजी मानी जाती है।

सरकार में प्रशासनिक अनुभव

वर्तमान में वे बिहार सरकार में बिहार सरकार के तहत लघु निर्माण विभाग के मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक दक्षता, योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय अनुशासन को लेकर सख्त पहचान बनाई। यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें संगठन के इतने बड़े राष्ट्रीय पद की जिम्मेदारी सौंपने में देर नहीं की।

भाजपा की रणनीति का अहम चेहरा

नितिन नबीन की नियुक्ति से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भाजपा अब युवा, अनुभवशील और जमीनी नेताओं को आगे लाकर संगठन को नई धार देना चाहती है। बिहार जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य से किसी नेता को राष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी जिम्मेदारी देना आगामी चुनावी रणनीतियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय से लंबित राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर अब तस्वीर भी साफ होती दिख रही है। इस निर्णय के साथ ही यह लगभग तय माना जा रहा है कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन तक पार्टी की कमान नितिन नबीन के हाथों में रहेगी और वे वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की जिम्मेदारियां निभाते नजर आएंगे।

भाजपा की संगठनात्मक परंपरा के अनुसार, जब पार्टी अध्यक्ष का चुनाव निकट होता है, तब कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति की जाती है। इसे चुनाव पूर्व की एक अहम और रणनीतिक प्रक्रिया माना जाता है। ऐसे में नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष बनाना न केवल संकेतात्मक कदम है, बल्कि उन्हें मिली एक बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी भी है। पार्टी में यह भी एक स्थापित परंपरा रही है कि कई बार कार्यकारी अध्यक्ष ही आगे चलकर पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका में आते रहे हैं।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने का सीधा अर्थ यह है कि नए अध्यक्ष के चुने जाने तक नितिन नबीन पार्टी के ‘कप्तान’ होंगे। संगठनात्मक फैसलों से लेकर चुनावी तैयारियों तक, केंद्रीय स्तर पर वे भाजपा की कमान संभालेंगे। बिहार में कद्दावर नेता माने जाने वाले नितिन नबीन फिलहाल राज्य सरकार में पथ निर्माण और नगर विकास जैसे अहम विभागों के मंत्री हैं।

SP_Singh AURGURU Editor