गुरु पूर्णिमा पर गोवर्धन में श्रद्धा का महासागर: सप्तकोसीय परिक्रमा में उमड़ा भक्तों का सैलाब

गोवर्धन/मथुरा। आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा पर गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोवर्धन गिरिराज की तलहटी भक्ति और आस्था की गूंज से सराबोर रही। वर्षा के मध्य गिरिराज जी महाराज की जय और राधे राधे के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा। 21 किमी लंबे सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग में भक्तों की मानव शृंखला बन गई। देशभर से लाखों श्रद्धालु गिरिराज महाराज की परिक्रमा लगाने पहुंचे। राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड जैसे राज्यों से भारी संख्या में श्रद्धालु आस्था के इस पर्व में शामिल हुए।

Jul 10, 2025 - 21:40
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गुरु पूर्णिमा पर गोवर्धन में श्रद्धा का महासागर: सप्तकोसीय परिक्रमा में उमड़ा भक्तों का सैलाब
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोवर्धन में गिरिराज की परिक्रमा की कुछ विहंगम तस्वीरें।

लाखों श्रद्धालुओं ने की परिक्रमा, दूध-भोग अर्पण

गुरु भक्ति के इस पर्व पर गिरिराज धाम में भक्ति एवं संस्कृति के अनूठे नजरे दिखाई दे रहे थे। लाखों लोग अपनी मुक्ति की कामना एवं मन में मनोकामनाएं लेकर गिरिराजजी की शरण में पहुंचकर परिक्रमा लगाई।  सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग में पग-पग पर भक्ति की रस धारा बह रही थी। परिक्रमा के दौरान भक्त गिरिराजजी की शिलाओं  पर दूध, भोग चढ़ा रहे हैं। धूप तो कभी उमस जैसे बदलते मौसम का स्वभाव भी भक्तों का उत्साह काम नहीं कर रहा है। आज प्रात: से ही मौसम ने करवट ली झमाझम वारिश ने परिक्रमार्थियों की आस्था को नहीं डिगा सकी।

परिक्रमार्थियों ने गिरिराज दानघाटी मंदिर, गिरिराज मुकुट मंदिर मानसी गंगा, हरदेव जी मंदिर, हरगोकुल मंदिर, चकलेश्वर महादेव मंदिर, जतीपुरा के गिरिराज मुखारविंद मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना करके भोग अर्पित किया।

गुरु पूर्णिमा पर आज मंदिर, मठ और आश्रमों में शिष्यों द्वारा गुरुजन की चरण पूजा की गई। दिनभर पूजा-अर्चना का दौरा जारी रहा। यहां तीन चार दिन पूर्व से ही भक्तों का पहुंचना आश्रमों व मठों प्रारंभ हो चुका था।

गुरु-शिष्य परंपरा की प्रतीक मुड़िया शोभायात्रा का भव्य आयोजन

चकलेश्वर क्षेत्र स्थित राधा श्याम सुंदर मंदिर से परंपरागत ढंग से मुड़िया शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का नेतृत्व महंत रामकृष्ण दास महाराज ने किया। 500 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार सिर मुड़ाए संत हरिनाम संकीर्तन के साथ निकले। शोभायात्रा मानसी गंगा से होते हुए विभिन्न मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों से होकर पुन: मंदिर पर संपन्न हुई। शोभायात्रा में उप जिलाधिकारी नीलम श्रीवास्तव, भाजपा नेता सियाराम शर्मा, थाना प्रभारी रवि त्यागी सहित हजारों श्रद्धालु शामिल रहे।

निस्वार्थ सेवा में जुटे श्रद्धालु और संस्थाएं

राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली से आई स्वयंसेवी संस्थाओं ने जगह-जगह भंडारे, चिकित्सा शिविर, पेयजल स्टॉल लगाए। कोटा से आए अश्वनी ने ठंडाई और शरबत पिलाया तो अचल कृष्ण, विजय चौधरी, अलवर मित्र मंडल, पंजाबी बाग से आए श्रद्धालुओं ने भोजन वितरित कर सेवा का भाव प्रकट किया। हर कोने में परिक्रमार्थियों को भोजन, फल, पेय पदार्थ वितरित किए गए।

मनोकामना पूरी होने पर पहुंचे श्रद्धालु, गिरिराजजी को बताया ‘साक्षात कृपा स्वरूप’

राजस्थान की पुष्पा, अलीगढ़ की प्रियंका शर्मा, जयपुर के राजकुमार गुप्ता, दिल्ली के विष्णु शर्मा सहित दर्जनों श्रद्धालुओं ने कहा कि गिरिराजजी उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। श्रद्धालुओं ने बालकृष्ण की गोवर्धन लीलाओं का स्मरण करते हुए गिरिराजजी को जीवन का आधार बताया।

गुरु पूर्णिमा पर मथुरा में आया हल्का भूकंप, डरे श्रद्धालु

सुबह 9.04 बजे गिरिराज क्षेत्र, राधाकुंड, बरसाने में हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए। श्रद्धालु कुछ क्षणों के लिए सहम गए। राधाकुंड मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर गोस्वामी, गृहणी हरी प्रिया, व्यापारी विनोद अग्रवाल ने कंपन महसूस होने की पुष्टि की। हालांकि कोई हानि नहीं हुई।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर विशाल गिरिराज महोत्सव और छप्पनभोग

गुरु पूर्णिमा पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर सात दिवसीय गिरिराज महोत्सव का समापन हुआ। सचिव कपिल शर्मा के अनुसार, पंचामृत महाभिषेक और विशाल छप्पनभोग अर्पित किया गया। संकीर्तन मण्डल के कृष्णदास भइया ने भजन प्रस्तुत किए। श्रीकेशवदेवजी और गिरिराजजी के लिए सैकड़ों कारीगरों ने नौ दिन तक 56 व्यंजन तैयार किए। महर्षि वेदव्यास का पूजन भी विधिपूर्वक किया गया।

श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु जीआरपी का स्टेशन निरीक्षण

मथुरा जंक्शन पर गुरु पूर्णिमा की रात को एसपी जीआरपी ने निरीक्षण किया। श्रद्धालुओं से फीडबैक लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बाहर से आने वाले भक्तों को कोई असुविधा न हो। पुलिस का व्यवहार श्रद्धालुओं के प्रति सौम्य और सहयोगात्मक होना चाहिए।

SP_Singh AURGURU Editor