पंकज चौधरी ने किया यूपी बीजेपी अध्यक्ष के लिए नामांकन, प्रस्तावक बने सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव मौर्य

यूपी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए पंकज चौधरी ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य प्रस्तावक बने।   

Dec 13, 2025 - 15:44
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पंकज चौधरी ने किया यूपी बीजेपी अध्यक्ष के लिए नामांकन, प्रस्तावक बने सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के 18वें प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर शनिवार को विराम लग गया। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सात बार के सांसद पंकज चौधरी ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए औपचारिक रूप से अपना नामांकन दाखिल कर दिया। उनके नाम का प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने सर्वसम्मति से पंकज चौधरी के नाम पर मुहर लगा दी है। नामांकन फॉर्म जमा करने के दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और अन्य सीनियर नेता भी मौजूद रहे।

पार्टी के घोषित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को नामांकन का दिन तय था। सुबह से ही लखनऊ स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में गहमागहमी का माहौल रहा। दिल्ली में मौजूद पंकज चौधरी सुबह लखनऊ पहुंचे और सीधे पार्टी मुख्यालय जाकर नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ-साथ भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े तथा संगठन चुनाव प्रभारी डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय भी मौजूद रहे।  
 
विनोद तावड़े की उपस्थिति में नामांकन प्रक्रिया पूरी होना और मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री जैसे शीर्ष नेताओं का प्रस्तावक बनना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पंकज चौधरी का चयन केंद्रीय नेतृत्व की पूरी सहमति से हुआ है। इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर कई नामों पर चर्चा हो रही थी, लेकिन नामांकन के साथ ही सभी कयास समाप्त हो गए।

पंकज चौधरी महाराजगंज लोकसभा सीट से सात बार के अनुभवी सांसद हैं और कुर्मी समुदाय से आते हैं, जो ओबीसी वर्ग में एक प्रभावशाली जाति मानी जाती है। उनकी ताजपोशी के पीछे भाजपा की स्पष्ट राजनीतिक रणनीति देखी जा रही है। पार्टी, समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण की काट के तौर पर ओबीसी नेतृत्व को आगे बढ़ाकर प्रदेश में अपने सामाजिक आधार को और मजबूत करना चाहती है।

ओबीसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने सत्ता और संगठन के बीच जातीय संतुलन साधने की कोशिश की है। एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार चल रही है, वहीं संगठन की कमान ओबीसी चेहरे को सौंपकर पार्टी ने सामाजिक संतुलन का संदेश दिया है।

पंकज चौधरी का राजनीतिक आधार पूर्वांचल क्षेत्र में मजबूत माना जाता है। यह इलाका आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। लोकसभा चुनाव 2024 में पूर्वांचल की कई सीटों पर समाजवादी पार्टी को बड़ी सफलता मिली थी। पीएम नरेंद्र मोदी के पूर्वांचल के वाराणसी और सीएम योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर में गढ़ के बाद भी पार्टी का प्रदर्शन पूर्व में उतना बेहतर नहीं रहा। ऐसे में पंकज चौधरी के नेतृत्व में भाजपा पूर्वांचल में अपनी खोई जमीन वापस पाने की रणनीति पर काम करती दिखेगी।

संगठन चुनाव प्रभारी डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 14 दिसंबर को नए प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इस पद के लिए केवल पंकज चौधरी ने ही नामांकन किया है। उन्हें शीर्ष नेतृत्व का भी समर्थन प्राप्त है। इसलिए, उनका निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।

पंकज चौधरी की ताजपोशी के साथ ही प्रदेश भाजपा में एक नए संगठनात्मक दौर की शुरुआत मानी जा रही है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को मजबूत स्थिति में पहुंचाना और विपक्ष को सीधी चुनौती देना होगी।