पेंशन स्कैम: बरेली पुलिस ने विधवा और वृद्धावस्था पेंशन हड़पने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

बरेली में पेंशन घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज के ज़रिए सरकारी पेंशन योजना की रकम हड़पने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना आंवला क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से फर्जी प्रमाणपत्रों और अन्य दस्तावेजों का जखीरा बरामद किया। गिरोह विधवा और वृद्धावस्था पेंशन योजनाओं के नाम पर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहा था।

Nov 5, 2025 - 20:59
Nov 5, 2025 - 21:03
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पेंशन स्कैम: बरेली पुलिस ने विधवा और वृद्धावस्था पेंशन हड़पने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
बरेली की एसपी ग्रामीण अंशिका वर्मा पेंशन फर्जीवाड़ा गिरोह के खुलासे की जानकारी देते हुए।

-आरके सिंह-

बरेली। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो गरीब और असहाय महिलाओं के नाम पर चल रही विधवा और वृद्धावस्था पेंशन योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये हड़प रहा था। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (दक्षिणी) अंशिका वर्मा ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे प्रकरण का खुलासा किया।

उन्होंने बताया कि यासमीन नामक महिला ने थाना आंवला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर हरीश कुमार और उसके साथियों ने उसका आधार कार्ड ले लिया और योजनाओं की धनराशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इसी तरह दर्जनों लोगों से आधार और जरूरी कागजात लेकर योजनाओं का लाभ खुद उठा रहे थे।

मुख्य आरोपी हरीश कुमार, जो एसबीआई का बैंक मित्र है, अपने साथियों के साथ मिलकर सरकारी पेंशन योजनाओं में बड़ा फर्जीवाड़ा कर रहा था। हरीश विधवा महिलाओं के जीवित पतियों के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार करवाकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता था। उसके बाद पेंशन की धनराशि इन खातों में डालकर अपने और साथियों के खातों में स्थानांतरित कर दी जाती थी।

अन्य आरोपी प्रमोद, शांतिस्वरूप और मुनीष लोगों को धन दुगना करने का लालच देकर उनके खातों में आई पेंशन की रकम पर कब्जा कर लेते थे।

पुलिस की विवेचना में अब तक 56 फर्जी विधवा पेंशन और दो वृद्धावस्था पेंशन मामलों का खुलासा हुआ है। इन मामलों में कुल 1 करोड़ 23 लाख 22 हजार रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस ने चारों आरोपियों — धमेन्द्र, शांतिस्वरूप, हरीश और मुनीष को गिरफ्तार किया है।

उनके पास से छह फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्रों की छायाप्रतियां और कई अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।

एसपी ग्रामीण अंशिका वर्मा ने कहा कि  यह गिरोह योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर गरीब महिलाओं को झांसे में लेता था। फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए सरकारी धन को अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है।

SP_Singh AURGURU Editor