मौलाना तौकीर रजा के घर से पेट्रोल बम और अवैध हथियार मिले, एफआईआर में कई खुलासे
भीड़ ने तौकीर रजा के कथित बयान का हवाला देते हुए नारेबाजी शुरू की। ‘मौलाना तौकीर रजा ने कहा था, आज शहर का माहौल बिगाड़ना है, इसके बाद ही भीड़ बेकाबू हो गयी थी।
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में बीते शुक्रवार 26 सितम्बर को आई लव मोहम्मद कैंपेन के नाम पर हुई हिंसा एक सोची-समझी साजिश थी। पुलिस एफआईआर में खुलासा हुआ है कि तौकीर रजा खान आरोपी नंबर वन हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को निर्देश दिए थे कि आज शहर का माहौल बिगाड़ना है, चाहे इसमें पुलिसवालों की हत्या ही क्यों न करनी पड़े और मुस्लिमों की ताकत दिखानी है।
पुलिस ने तौकीर रजा समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 10 एफआईआर में 2000 से अधिक लोग नामित हैं। हिंसा में 10 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं और पुलिस ने अवैध हथियार बरामद किए। पुलिस ने शहर में इंटरनेट 48 घंटे के लिए बंद कर दिया।
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद आला हजरत दरगाह और तौकीर रजा के आवास के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारी जुटे। सभी 'आई लव मुहम्मद' के पोस्टर लेकर मार्च निकालने की कोशिश में थे, लेकिन प्रशासन ने अनुमति न देने पर प्रदर्शन रद्द कर दिया। भीड़ में से कुछ ने ‘गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सर तन से जुदा’ जैसे उग्र नारे लगाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
भीड़ ने तौकीर रजा के कथित बयान का हवाला देते हुए नारेबाजी शुरू की- ‘मौलाना तौकीर रजा ने कहा था, आज शहर का माहौल बिगाड़ना है, चाहें इसमें पुलिस वालों की हत्या भी करनी पड़ी और मुस्लिमों की ताकत दिखानी है। इसके बाद भीड़ सरकार विरोधी नारे लगाते हुए उग्र हो गई। कोतवाली क्षेत्र, अलमगीरपुर, सिविल लाइंस, बड़ा बाजार और बनसमंडी में दुकानें बंद हो गईं, वाहनों पर पथराव हुआ।
इस मामले में पुलिस एफआईआर की मानें तो प्रदर्शन में अपराधियों को पहले से बुलाया गया था। तौकीर रजा, उनके सहयोगी नदीम और अन्य पदाधिकारियों ने साजिश रचकर हिंसा को अंजाम दिया। भीड़ ने पुलिस पर अवैध हथियारों से फायरिंग की, जिसमें जान से मारने का इरादा साफ था। सिपाहियों के डंडे छीने, वर्दी के बैच नोचे गए। कांच की बोतलों में भरे पेट्रोल बम फेंके गए, जिससे कई पुलिसकर्मी झुलस गए। यही नहीं धारदार हथियारों से भी हमला किया गया, जिसमें 10 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।
हिंसा के बाद पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें पुलिस को मौके से बड़े पैमाने पर अवैध हथियार बरामद हुए, जिनका इस्तेमाल पुलिस पर हमले के लिए किया गया था। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने इसे पूर्वनियोजित साजिश बताया, जो पश्चिमी यूपी में शांति भंग करने और राज्य की विकास योजनाओं को पटरी से उतारने का प्रयास था।