पीएम किसान सम्मान निधि योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम- प्रो. बघेल

मथुरा के फरह स्थित केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के हस्तांतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आयोजित हुआ। किसानों की आर्थिक सुदृढ़ता और कल्याण को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रभावी पहुंच और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर उनके सकारात्मक प्रभाव का व्यापक संदेश दिया गया।

Nov 21, 2025 - 13:51
Nov 21, 2025 - 13:52
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पीएम किसान सम्मान निधि योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम- प्रो. बघेल
फरह स्थित केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के हस्तांतरण के मौके पर मौजूद किसानों को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल।

किसानों के जीवन में पीएम किसान सम्मान निधि बनी सहारा

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम है।
उन्होंने कहा कि योजना की सहायता से खेती की आवश्यक जरूरतें समय पर पूरी हो पाती हैं। किसान भाई-बहन फसल बीमा योजना, आयुष्मान भारत एवं कृषक दुर्घटना कल्याण योजना जैसी अन्य सरकारी योजनाओं का भी लाभ अवश्य लें।

श्री बघेल जी किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक उपयोग कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री द्वारा 21वीं किस्त का हस्तांतरण—18,000 करोड़ किसानों के खातों में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयम्बटूर से देशभर के किसानों को 18,000 करोड़ रुपये की 21वीं किस्त का हस्तांतरण किया। संस्थान परिसर में लगे बड़े एलईडी स्क्रीन पर किसानों ने प्रधानमंत्री का संबोधन लाइव सुना।

योजना के आरंभ से अब तक 3,90,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों को दी जा चुकी है। यह राशि किसानों की कृषि लागत, संसाधनों और दैनिक खेती निवेश में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

विशिष्ट अतिथि व संस्थान की उपस्थिति

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सोनपाल, निदेशक, दीनदयाल धाम शोध केंद्र, फरह उपस्थित रहे। संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली भी कार्यक्रम में शामिल हुए और किसानों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, वैज्ञानिक एवं कृषि विशेषज्ञ मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor