पीएम मोदी ने असम में काजीरंगा एलिवेटेड कॊरिडोर की आधारशिला रखी, दो अमृत भारत एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी, बोले- कांग्रेस के पास न विज़न, न रोडमैपः हम नॉर्थ ईस्ट को विकास की नई रफ्तार दे रहे
गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के नगांव जिले में रविवार को 6,957 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी और दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई। असम की दो दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में गुवाहाटी से नगांव पहुंचे प्रधानमंत्री ने भूमि पूजन कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि कांग्रेस के पास विकास का कोई ठोस एजेंडा नहीं है, जबकि मौजूदा सरकार नॉर्थ ईस्ट को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर के मॉडल का निरीक्षण करते हुए कहा कि यह परियोजना न केवल यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को भी नया आयाम देगी। उन्होंने डिब्रूगढ़–गोमती नगर (लखनऊ) और कामाख्या–रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को रवाना करते हुए कहा कि इनसे असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के बीच लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दशकों तक नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी पीड़ा दूरी रही, दिलों की भी और विकास की भी। कांग्रेस शासन में असम को बहुत कम रेल बजट मिलता था, जो लगभग 2,000 करोड़ रुपये तक सीमित था, जबकि भाजपा सरकार ने इसे बढ़ाकर करीब 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया है। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल, हवाई और जलमार्ग—चारों माध्यमों से असम को देश के हर कोने से जोड़ने का काम अब एक साथ हो रहा है।
काजीरंगा में वन्यजीव संरक्षण का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय राइनो के शिकार की घटनाएं बड़ी चुनौती थीं। 2013-14 में दर्जनों एक-सींग वाले गैंडे मारे गए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने सख्त कदम उठाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की, जिससे हालात बदले। आज पर्यटन बढ़ा है और होम-स्टे, गाइड सेवा, हस्तशिल्प व छोटे व्यवसायों से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
प्रधानमंत्री ने हालिया चुनावी परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि देश का मतदाता अब गुड गवर्नेंस, विकास और विरासत—तीनों को महत्व देता है। कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को जनता लगातार नकार रही है, यहां तक कि मुंबई जैसे शहर में भी उसका जनाधार सिमट गया है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने काजीरंगा में बिताए अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि यह धरती वीरों और प्रतिभाशाली युवाओं की है और असम आकर उन्हें हमेशा विशेष आनंद मिलता है।