नेपाल भागने समय बदमाश से पुलिस की मुठभेड़ः अवनीश हत्याकांड का दूसरा आरोपी दानिश घायल
शाहजहांपुर में अवनीश दीक्षित हत्याकांड का दूसरा आरोपी दानिश नेपाल भागते समय पुलिस के साथ मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर 21 मुकदमे और ₹25 हजार का इनाम था। इससे पहले उसका साथी गुरुसेवक लखनऊ मुठभेड़ में मारा गया था। गिरोह किराए पर कार लेकर ड्राइवरों की हत्या कर वाहनों की लूट करता था।
-राजीव शर्मा-
शाहजहांपुर। चर्चित अवनीश दीक्षित हत्याकांड में लखनऊ में एक आरोपी गुरु सेवक के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद अब दूसरा आरोपी दानिश भी पुलिस की गोली से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार दानिश नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन पुवायां बाईपास ओवरब्रिज पर हुई मुठभेड़ में वह घायल होकर पकड़ा गया। उस पर हत्या, लूट और गैंग से जुड़े 21 मुकदमे दर्ज हैं तथा ₹25 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह किराए पर कार लेकर ड्राइवरों की हत्या कर वाहनों को लूटता था।
शाहजहांपुर पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि अवनीश दीक्षित पुवायां से एक कार किराए पर लेकर निकले थे। जब वे कार सहित वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। तीन दिन बाद अवनीश का शव रोजा थाना क्षेत्र से बरामद हुआ, लेकिन कार का सुराग नहीं मिला। जांच में सामने आया कि कार गुरुसेवक ने किराए पर ली थी।
गुरुसेवक पर पहले से ही उन्नाव में कैब ड्राइवर की हत्या और कार लूट का मामला दर्ज था। बीते रविवार को वह लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।
इसी हत्याकांड में शामिल दानिश का नाम भी सामने आया। पुलिस के अनुसार, वह गुरुवार देर रात नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। सूचना पर पुलिस ने पुवायां बाईपास ओवरब्रिज के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर दानिश ने मोटरसाइकिल छोड़कर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और वह घायल हो गया।
दानिश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां इलाज चल रहा है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह नेपाल इसलिए भाग रहा था क्योंकि वहां जाकर स्थानीय पुलिस की गिरफ्त से बच सकता था।
पुलिस अधीक्षक का कहना है कि यह गिरोह प्रदेश में कई जिलों में सक्रिय था और कार किराए पर लेकर ड्राइवरों की हत्या कर फरार हो जाता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।