एसआईआर पर सियासी घमासान: अखिलेश यादव पर मौलाना रजवी का सीधा वार- मुसलमानों के बारे में झूठ फैला रहे हैं सपा प्रमुख
एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा मुसलमानों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जाने के आरोप पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने तीखा और आक्रामक पलटवार किया है। मौलाना रजवी ने अखिलेश के दावों को झूठा, भ्रामक और राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित करार दिया है।
-रमेश कुमार सिंह-
बरेली। एसआईआर अभियान को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर सियासी बयानबाज़ी अपने चरम पर पहुंच गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बुधवार को जारी बयान में अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं और बेबुनियाद डर फैलाने की राजनीति कर रहे हैं।
मौलाना रजवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया द्वारा चलाया गया एसआईआर अभियान वोटर लिस्ट को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए है। इसका मकसद किसी भी वर्ग, जाति या समुदाय के साथ भेदभाव करना नहीं, बल्कि फर्जी और मृत मतदाताओं के नाम हटाकर वास्तविक मतदाताओं को उनका अधिकार सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव यह प्रचार कर रहे हैं कि मुसलमानों के नाम बड़ी संख्या में वोटर लिस्ट से काटे गए हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। मौलाना रजवी के अनुसार, एसआईआर के दौरान मुस्लिम समाज ने सबसे अधिक जागरूकता दिखाई और बढ़-चढ़कर फॉर्म भरे। इसके उलट कई क्षेत्रों में हिंदू मतदाता अपेक्षाकृत पीछे रह गए।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने दो टूक कहा कि किसी भी मुस्लिम मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से नहीं काटा गया है। उन्होंने इसे पूरी तरह झूठा और राजनीतिक लाभ के लिए गढ़ा गया बयान बताया। उनका आरोप है कि अखिलेश यादव जानबूझकर चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं।
मौलाना रजवी ने यह भी चेतावनी दी कि इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे संवेदनशील मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाज़ी से बचें और चुनाव आयोग की प्रक्रिया में सहयोग करें।
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