बरेली पहुंची पूनम सिन्हा बोलीं- मैंने राजनीति से दूरी बना ली है, बॉलीवुड में सफलता का मंत्र आत्मविश्वास और परिश्रम
सांसद और सिने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा ने कहा कि बॉलीवुड में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं को आत्मविश्वास, एकाग्रता, संतुलन और निरंतर परिश्रम पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल राजनीति से उन्होंने दूरी बना ली है और भविष्य में राजनीति में लौटने का कोई इरादा नहीं है।
-रमेश कुमार सिंह-
बरेली। जाने-माने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी एवं समाजसेवी पूनम सिन्हा दो दिवसीय दौरे पर बरेली पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने समाजसेवा से जुड़े विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया और शहर में फिल्म शूटिंग की संभावनाओं को भी परखा।
मीडिया से बातचीत में पूनम सिन्हा ने कहा कि उन्होंने राजनीति से पूरी तरह दूरी बना ली है। भले ही उनके और शत्रुघ्न सिन्हा के राजनीतिक विचार अलग हों, लेकिन पारिवारिक जीवन में इन विषयों पर चर्चा नहीं होती। उन्होंने कहा कि जीवन में संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी है। बता दें कि पूनम सिन्हा ने लखनऊ लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी के रूप में राजनाथ सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
बॉलीवुड में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, एकाग्रता, मानसिक संतुलन और कड़ी मेहनत सफलता की कुंजी हैं। बिना धैर्य और अनुशासन के इस क्षेत्र में टिक पाना कठिन है।
मंगलवार को पूनम सिन्हा ने बरेली के रामगंगा क्षेत्र स्थित पीपुल फॉर एनिमल्स (पीएफए) रोहिलखंड पशु-पक्षी शेल्टर होम का भ्रमण किया, जिसे मेनका गांधी द्वारा संचालित किया जा रहा है। उन्होंने यहां घायल, बीमार और पीड़ित पशुओं का निरीक्षण किया तथा पशु चिकित्सकों से उपचार संबंधी जानकारी ली। शेल्टर होम की स्वच्छता, पशुओं के रखरखाव और चिकित्सा सुविधाओं की उन्होंने खुले दिल से प्रशंसा की।
पूनम सिन्हा ने कहा कि जीव-जंतुओं की सेवा सबसे बड़ी मानव सेवा है और समाज में ऐसे संगठनों की संख्या बढ़नी चाहिए, जो निस्वार्थ भाव से बेसहारा पशुओं की सेवा में लगे हैं। पीएफए के सचिव राकेश यादव ने शेल्टर होम की गतिविधियों और पशु पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
इससे पूर्व सोमवार को पूनम सिन्हा ने अपनी पुत्रवधू तरुणा सिन्हा एवं फिल्म निर्देशक मीनू चटर्जी के साथ सीता रसोई का भ्रमण किया। उन्होंने स्वयं अपने हाथों से जरूरतमंदों को भोजन परोसा और ऑटोमेटिक रोटी मशीन का निरीक्षण किया। प्रमुख सेवादार पंकज अग्रवाल ने रसोई की कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
पूनम सिन्हा ने कहा कि सीता रसोई में आकर उनका मन अत्यंत प्रसन्न हुआ है और भविष्य में किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर तन, मन और धन से सहयोग देने का आश्वासन दिया।
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा और अभिनेता धर्मेंद्र की गहरी दोस्ती को याद करते हुए कहा कि दोनों एक-दूसरे के जन्मदिन के उपहार तक बदल लिया करते थे। उन्होंने बेटी सोनाक्षी सिन्हा के करियर पर संतोष जताते हुए कहा कि वह अपने काम और पारिवारिक जीवन में खुश हैं।
फिल्म निर्देशक मीनू चटर्जी ने बरेली को फिल्म और वेबसीरीज शूटिंग के लिए बेहद संभावनाशील शहर बताया। उन्होंने कहा कि झुमका, बर्फी और सुरमा के लिए प्रसिद्ध यह शहर अब विकास के नए दौर में है। उन्होंने घोपेश्वर नाथ मंदिर में दर्शन कर सीता रसोई की सेवाओं की सराहना की। इस दौरान हर्ष अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, प्रभात अग्रवाल, प्रतिभा अग्रवाल, रमेश चंद्र अग्रवाल, अमित गुप्ता सहित अनेक सेवादार उपस्थित रहे।