राहुल गांधी बोले-  भारत के सवर्ण कर रहे पूरी व्यवस्था पर कब्जा

राहुल गांधी ने बिहार में चुनावी रैली में बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियों, सरकारी नौकरियों और सेना में सवर्णों का दबदबा है। दलित, पिछड़ी जातियां और अल्पसंख्यक इन महत्वपूर्ण जगहों पर कम हैं। उन्होंने जातिगत जनगणना की मांग दोहराई। भाजपा ने इस बयान को खतरनाक बताया है।

Nov 4, 2025 - 22:17
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राहुल गांधी बोले-  भारत के सवर्ण कर रहे पूरी व्यवस्था पर कब्जा


 

पटना। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार के कुटुंबा में एक चुनावी रैली में बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भारत की बड़ी कंपनियों, सरकारी नौकरियों और सेना में सवर्ण जातियों का दबदबा है। उनका कहना है कि देश की 90% आबादी वाले दलित, पिछड़ी जातियां और अल्पसंख्यक इन महत्वपूर्ण जगहों पर पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। यह बयान उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले आज दिया है।

राहुल गांधी ने राष्ट्रीय जातिगत जनगणना की मांग को दोहराते हुए कहा कि यह समान प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों के लिए बहुत जरूरी है। उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे खतरनाक बताया है।  
 
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि अगर 500 बड़ी कंपनियों की सूची देखी जाए तो उनमें दलित, अत्यंत पिछड़ी जातियां, महादलित, अल्पसंख्यक और आदिवासी नजर नहीं आएंगे। उन्होंने दावा किया कि ये सभी लोग देश की केवल 10% आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो सवर्ण जातियों से आते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बैंकों का सारा धन, सारी नौकरियां और नौकरशाही में महत्वपूर्ण पद इन्हीं सवर्ण जातियों को मिलते हैं।

उन्होंने सेना पर भी सवर्णों के नियंत्रण का आरोप लगाया। हालांकि, सेना के पास इस तरह के जातिगत आंकड़ों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है। इसी तरह, उच्च न्यायपालिका के बारे में भी सीमित जानकारी ही उपलब्ध है। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया जब वे कुटुंबामें एक रैली को संबोधित कर रहे थे, जो एक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है।

राहुल गांधी के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं ने उनके इस बयान को देश को बांटने वाला और खतरनाक बताया है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'राहुल गांधी अब हमारी सशस्त्र सेनाओं को भी जाति के आधार पर बांटना चाहते हैं! भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना 'राष्ट्र प्रथम' के लिए खड़ी हैं, न कि जाति, धर्म या वर्ग के लिए। राहुल गांधी हमारी बहादुर सशस्त्र सेनाओं से नफरत करते हैं! राहुल गांधी भारत विरोधी हैं!'

आंध्र प्रदेश के मंत्री सत्य कुमार यादव ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, 'राहुल गांधी की बयानबाजी एक नए निचले स्तर पर पहुंच गई है। भारतीय सेना को अपनी जातिवादी बयानबाजी में घसीटकर, उन्होंने दुनिया की सबसे पेशेवर और अराजनीतिक ताकतों में से एक का अपमान किया है, जहां सैनिक जाति के आधार पर नहीं, बल्कि तिरंगे के लिए सेवा करते हैं।' मुंबई भाजपा प्रवक्ता सुरेश नखुआ ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी से नफरत में, वह पहले ही भारत से नफरत की रेखा पार कर चुके हैं।'

राहुल गांधी पिछले कुछ सालों से 'सामाजिक न्याय' और 'जाति-विरोधी' की बात कर रहे हैं, खासकर बिहार में। बिहार में कांग्रेस का मुख्य सहयोगी दल राष्ट्रीय जनता दल है, जो पारंपरिक रूप से पिछड़ी जातियों, खासकर यादवों और मुसलमानों का दल रहा है, हालांकि इसका चुनावी आधार समय के साथ बदलता रहा है।

जहां तक राहुल गांधी की ओर से दिए गए आंकड़ों का सवाल है, देश भर में हालिया जातिगत डेटा आसानी से उपलब्ध नहीं है। अगली जनगणना में यह जानकारी एकत्र की जाएगी।