रेल मदद ऐप 139 बना नन्हें जीवन का देवदूतः तेज बुखार से तड़प रहे 11 माह के बच्चे को मिली दवा
-आरके सिंह- बरेली। रेलवे का रेल मदद ऐप 139 एक बार फिर जनसेवा का जीवंत उदाहरण बन गया। इस ऐप की त्वरित सूचना व्यवस्था और रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से एक 11 माह के मासूम बच्चे की जान बच गई। यह घटना शुक्रवार की है, जब गाड़ी संख्या 15109 छपरा–मथुरा एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक दिव्यांग दंपति ने अपने बच्चे की बिगड़ती हालत की सूचना रेल मदद ऐप पर दी।
बुखार से तड़प रहे बच्चे के लिए मदद की गुहार
जानकारी के अनुसार, कोच संख्या ई–4 की बर्थ संख्या 33 और 34 पर दिव्यांग दंपति आलोक शर्मा और रंजना सिंह अपने 11 माह के बच्चे के साथ यात्रा कर रहे थे। सफर के दौरान बच्चे को तेज बुखार चढ़ गया।
दंपति ने तत्काल हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर सहायता मांगी और बताया कि उन्हें तुरंत दवा की जरूरत है।
सूचना पूर्वोत्तर रेलवे, इज्जतनगर मंडल के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक एच.एस. सागर तक पहुंची। यात्री को प्रारंभिक रूप से बताया गया कि मथुरा स्टेशन पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है, परंतु बच्चे की गंभीर स्थिति देखते हुए दंपति ने अनुरोध किया कि दवा हाथरस सिटी स्टेशन पर ही उपलब्ध कराई जाए।
रेल कर्मचारियों की तत्परता- हाथरस सिटी पर मिली राहत की सांस
सूचना मिलते ही वाणिज्य कर्मचारी कान्हा राम जलूथरिया को निर्देश दिए गए कि यात्री को हरसंभव सहायता दी जाए। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए निकटतम मेडिकल स्टोर से बच्चे के लिए आवश्यक दवाएं खरीदीं और ट्रेन में चल रहे चल टिकट परीक्षक (टीटीई) सुमित रंजन के माध्यम से दवा यात्री को पहुंचा दी।
ट्रेन के हाथरस सिटी स्टेशन पर पहुंचते ही यह मदद सफलतापूर्वक पूरी हुई और बच्चे को तुरंत दवा मिल गई।
दंपति ने जताया आभार, कहा- रेलवे ने बचाई हमारे बच्चे की जान
दंपति ने भावुक होकर कहा, रेल मदद ऐप और रेलवे कर्मचारियों की तत्परता ने हमारे बच्चे की जान बचा ली। इतनी तेजी से सहायता की उम्मीद नहीं थी।
उन्होंने हाथरस सिटी स्टेशन के रेलकर्मियों को धन्यवाद दिया और पूरे विभाग की सराहना की।
रेल मदद ऐप: यात्रियों की सुरक्षा का सशक्त जरिया
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक संजीव शर्मा ने बताया कि रेल मदद ऐप 139 यात्रियों को यात्रा के दौरान आने वाली समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान प्रदान करता है।
रेलवे इस एप को और अधिक सफल एवं कारगर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है ताकि यात्रियों को हर परिस्थिति में सुरक्षा और सहायता मिल सके।