पीओके में बगावत तेज,  10वें दिन भी प्रदर्शन जारी,   सड़कों पर उतरे 70 हजार प्रदर्शनकारी, पाक सेना के खिलाफ नारे

पीओके में विरोध प्रदर्शन 10वें दिन भी जारी है। रावलाकोट समेत कई इलाकों में लोग पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

Jun 18, 2026 - 21:39
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पीओके में बगावत तेज,  10वें दिन भी प्रदर्शन जारी,   सड़कों पर उतरे 70 हजार प्रदर्शनकारी, पाक सेना के खिलाफ नारे

इसलामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में आज विद्रोह का दसवां दिन है। ईदगाह मैदान पर 60-70 हज़ार लोग बैठे हुए हैं और शहर के अंदर सड़को पर सैकड़ों लोग पीओके का झंडा और सफेद झंडा लेकर आजादी के नारे लगा रहे है और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ को “दहशतगर्द” यानी आतंकी करार दे रहे हैं। साथ ही आसिम मुनीर की पाकिस्तानी फ़ौज के लिए भी “कर्नल-जर्नल दहशतगर्द” के नारे रावलकोट में गूंज रहे हैं।

असल में पिछले 7 जून से पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स की गोलीबारी में 56 आम नागरिक मारे जा चुके हैं और फिर पिछले 4 दिनों से पाकिस्तानी हुकूमत ने पीओके में खाने की सामग्री लेकर आने वाले ट्रकों को बॉर्डर पर खड़ा कर रखा है, जिस कारण पीओके की जनता का पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

इस बीच पाकिस्तानी फ़ौज की गोलीबारी में पिछले हफ़्ते मारे गए युवक फैजान रब्बानी की याद में आज उसके गांव में लोग इकट्ठा हुए, जिसमें लोगो ने पाकिस्तानी हुकूमत और सेना को दहशतगर्द यानी आतंकी करार दिया और आजादी के नारे बुलंद किए।

पीओके में आम लोगो के अलावा स्कूली छात्राओं और उनकी टीचरों ने पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ  मार्च निकाला और पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ ताल ठोका। पूरे पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में इंटरनेट बंद होने की वजह से 14 जून को पाकिस्तानी रेंजर्स के नरसंहार की एक तस्वीर आज सामने आई, जिसमें रावलाकोट के एक गेस्ट हाउस की खिड़कियों पर हर तरफ अंदर और बाहर गोलियों के निशान दिखाई दे रहे हैं।

इस गेस्ट हाउस में अवामी एक्शन कमेटी के नेता रह रहे थे और उन्हें ही निशाना बनाने के लिए गेस्ट हाउस पर गोलियां चलाई गई थी। 9 जून से जारी प्रदर्शन को आज 10 दिन हो चुके हैं और ना ही पाकिस्तानी हुकूमत प्रदर्शनकारियों की बात मानने को तैयार है और ना ही प्रदर्शनकारी झुकने को तैयार हैं। ऐसे में देखना होगा कि आखिर पीओके में बगावत किस तरह आगे बढ़ती है।