आईटीबीपी में फर्जी दस्तावेज़ से भर्ती, बरेली में तीन महिला कांस्टेबल पर मुकदमा दर्ज

-आरके सिंह- बरेली। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी ) की कांस्टेबल (जीडी) भर्ती में फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र के ज़रिए नौकरी हासिल करने का गंभीर मामला सामने आया है। तृतीय वाहिनी, बरेली द्वारा किए गए दस्तावेज़ सत्यापन में यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।

Jul 14, 2025 - 20:58
 0
आईटीबीपी में फर्जी दस्तावेज़ से भर्ती, बरेली में तीन महिला कांस्टेबल पर मुकदमा दर्ज
बरेली के सीओ सिटी आशुतोष शिवम।

-निवास प्रमाण पत्र में गड़बड़ी, तृतीय वाहिनी बरेली की जांच में बड़ा खुलासा

तीन महिला अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

आईटीबीपी ने पार्वती कुमारी, रोशनी प्रजापति और प्रीति यादव के खिलाफ थाना कैंट, बरेली में एफआईआर दर्ज कराई है। तीनों के खिलाफ धारा 318 (4), 388, 336(3), 340 (2) में मुकदमा दर्ज हुआ है। तीनों अभ्यर्थियों पर आरोप है कि उन्होंने असम राज्य के फर्जी निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर आईटीबीपी में भर्ती पाई थी। दस्तावेज़ जांच में इन प्रमाण पत्रों को संबंधित जिला प्रशासन ने अमान्य घोषित कर दिया है।

इस तरह उजागर हुआ फर्जीवाड़ा

आईटीबीपी की तृतीय वाहिनी द्वारा चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की सघन जांच की जा रही थी। पार्वती कुमारी ने असम के नगांव जिले का प्रमाण पत्र दिया था, लेकिन जांच में यह फर्जी निकला। रोशनी प्रजापति ने कछार जिले का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया, जिसे उपायुक्त कार्यालय, सिलचर ने अस्वीकार किया। प्रीति यादव ने कछार जिले के डूलोग्राम क्षेत्र का प्रमाण पत्र लगाया, जो जांच में नकली पाया गया।

पुलिस ने शुरू की जांच, होगी सख्त कार्रवाई

क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि तीनों मामलों में आईटीबीपी दंडपाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। थाना कैंट प्रभारी राजेश कुमार ने कहा कि सभी पहलुओं की जांच के बाद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आईटीबीपी ने साफ किया है कि बल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भर्ती को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

चयन आयोग परीक्षा के माध्यम से हुई थी भर्ती

तीनों महिला रिक्रूट्स ने एसएससी (स्टाफ सेलेक्शन कमीशन) द्वारा वर्ष 2024 में आयोजित कांस्टेबल (जीडी) परीक्षा के माध्यम से चयन पाया था, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान फर्जीवाड़ा उजागर होने पर आईटीबीपी  ने तत्काल पुलिस कार्रवाई का निर्णय लिया।

SP_Singh AURGURU Editor