सारस्वत ब्राह्मण महासभा ने वरिष्ठजनों और मेधावी छात्रों का किया सम्मान, ‘सारस्वत संगम’ का विमोचन
सारस्वत ब्राह्मण समाज की सांस्कृतिक धरोहर, बौद्धिक परंपरा और सामाजिक एकजुटता को नई ऊर्जा देने वाला ‘वृद्धजन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह–25’ रविवार को महर्षिपुरम में उमंग और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में वरिष्ठजनों के अनुभवों का सम्मान और नई पीढ़ी की प्रतिभा का अभिनंदन एक ही मंच पर दिखा, जो समाज के सामूहिक उत्थान का सुंदर संदेश देता है।
आगरा। सारस्वत ब्राह्मण महासभा, आगरा द्वारा श्री भगवान जूनियर हाईस्कूल, महर्षि पुरम में आयोजित वृद्धजन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह–25 और ‘सारस्वत संगम’ पत्रिका–पंचम सोपान के विमोचन कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा, संस्कार और सामाजिक सौहार्द के वातावरण में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर सी. पी. चूड़ामणि ने समाज के वरिष्ठ सदस्यों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया। उन्होंने शिक्षा, संस्कार और सामाजिक एकता को समाज की प्रगतिशील धुरी बताते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को ज्ञान और अनुशासन की राह पर अग्रसर करने में ऐसे आयोजन अत्यंत प्रेरणादायी हैं।
विशिष्ट अतिथि विजय कृष्ण सारस्वत ने ‘सारस्वत संगम’ पत्रिका का विमोचन करते हुए कहा कि यह पत्रिका समाज में सांस्कृतिक मजबूती, सकारात्मक सोच और रचनात्मक सहभागिता को बढ़ावा देने वाला सशक्त माध्यम बन चुकी है।
समारोह की अध्यक्षता यतेन्द्र सारस्वत ने की। उन्होंने महासभा के उद्देश्यों, समाज-निर्माण में सहभागिता और परंपरागत मूल्यों के संरक्षण पर विस्तृत विचार रखे।
अतिथि के रूप में राम शंकर सारस्वत (अध्यक्ष–हाथरस) तथा सुरेश फौजी (अध्यक्ष–रीढ़ा, बल्देव) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन संतोष सारस्वत ने किया। महासभा के महामंत्री सत्य प्रकाश सारस्वत और कोषाध्यक्ष मनीष रावत ने भी विचार रखे। डॉ. मदन मोहन शर्मा ने मेधावी छात्रों के सम्मान को समाज के सर्वांगीण विकास की दिशा में आवश्यक कदम बताया। अन्य वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल समाज में शिक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाते हैं बल्कि युवा पीढ़ी को उत्कृष्टता की ओर बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं।
इस अवसर पर डॉ. विनोद सारस्वत, सुरेश सारस्वत, रमाशंकर सारस्वत (हाथरस), भंवर सिंह, शंभू दयाल सारस्वत, कुलदीप सारस्वत, प्रेम शंकर सारस्वत, आर.पी. शर्मा (टूंडला), अशोक सारस्वत (टूंडला), रामेश्वर प्रसाद सारस्वत (फिरोजाबाद), महेश सारस्वत, तरुण सारस्वत, नरेश कुमार, अमित सारस्वत, दीपक सारस्वत, संजीव सारस्वत, राधेश्याम सारस्वत, डॉ. डी.एन. सारस्वत, राकेश सारस्वत, सुशील सारस्वत, नवनीत, अरविंद, नंद कुमार सहित अनेक गणमान्य सदस्यों ने अपने विचार रखे।