व्हाइट हाउस के बाहर गोलीबारी: दो नेशनल गार्ड जख्मी, अफगान शूटर से हिली अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था, ट्रम्प बोले- यह आतंकी हमला

अमेरिका के वॉशिंगटन डी.सी. में व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर को हुई गोलीबारी ने अमेरिकी सुरक्षा तंत्र की नींव हिला दी, जहां एक अफगान नागरिक ने अचानक नेशनल गार्ड के जवानों पर हमला कर दिया। दो गार्ड गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि हमलावर को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। घटना के बाद राजधानी में हाई अलर्ट और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है।

Nov 27, 2025 - 12:58
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व्हाइट हाउस के बाहर गोलीबारी: दो नेशनल गार्ड जख्मी, अफगान शूटर से हिली अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था, ट्रम्प बोले- यह आतंकी हमला
वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी के बाद घटनास्थल का एक दृश्य।

वाशिंगटन डीसी। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. बुधवार दोपहर उस समय दहशत में आ गई जब व्हाइट हाउस से कुछ ब्लॉक्स दूर मेट्रो स्टेशन के पास तैनात दो यूएस नेशनल गार्ड के जवानों पर अचानक गोलीबारी की गई। अधिकारियों के अनुसार यह हमला “टार्गेटेड शूटिंग” था, जिसका उद्देश्य सुरक्षा बलों को निशाना बनाना प्रतीत होता है।

फायरिंग होते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षाबलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, इलाके को सील किया और हमलावर को घायल हालत में दबोच लिया। दोनों घायल गार्ड्स को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती मेडिकल रिपोर्टें बताती हैं कि उनकी हालत नाज़ुक है और उन्हें गहन चिकित्सा दी जा रही है।

हमलावर रहमनुल्लाह लकनवाल अफगानी है

गिरफ्तार आरोपी की पहचान रहमनुल्लाह लकनवाल (29), अफगान नागरिक के रूप में हुई है। वह सितंबर 2021 में ऒपरेशन एलाइस वेलकम के तहत अमेरिका लाया गया था। यह वह कार्यक्रम था जिसके जरिए अफगानिस्तान से आए सहयोगियों और नागरिकों को अमेरिका में पुनर्वास दिया जाता था।
हमले के बाद सुरक्षाबलों ने उसके पास से हथियार बरामद किए हैं और उसके पृष्ठभूमि तथा उद्देश्य की जांच जारी है। अभी तक उसके किसी आतंकवादी संगठन से संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, मगर एजेंसियों ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

अमेरिका में सुरक्षा कड़ीः राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

हमले के तुरंत बाद पूरे वॉशिंगटन डी.सी. में अतिरिक्त नेशनल गार्ड, पुलिस और फेडरल एजेंसियों की तैनाती कर दी गई है। सुरक्षा घेरा व्हाइट हाउस और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों के आसपास और मजबूत किया गया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घटना को एक आतंकवादी हमला बताते हुए अफगान नागरिकों की एंट्री और अमेरिकी अप्रवासन नीति पर सख्त समीक्षा की बात कही है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के हमले अमेरिकी सुरक्षा ढांचे को सीधा चुनौती देते हैं और जिम्मेदारों को “भारी कीमत चुकानी होगी।

हमले के बाद यूएस सिटिजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज ने अफगान नागरिकों से जुड़े नए आव्रजन और आश्रय मामलों की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा कर दी है। इस कदम ने अफगान रिहैबिलिटेशन कार्यक्रमों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

SP_Singh AURGURU Editor