आगरा में 'लापता लेडीज' ट्रेंडिंग टॉपिक है, स्पर्श श्रीवास्तव भी छाए हुए हैं, जानें कोई फिल्म ऑस्कर के लिए कैसे चुनी जाती है
आगरा शहर के उभरते हुए युवा कलाकार स्पर्श श्रीवास्तव छाए हुए हैं। हर तरफ उनकी चर्चा हो रही है। लोग सोशल मीडिया पर उनके साथ अपने फोटो साझा कर रहे हैं। ऑस्कर के लिए चुने जाने के बाद उनकी फिल्म लापता लेडीज भी यहां ट्रेंडिंग टॉपिक है।
13 साल पहले मात्र 12 साल की उम्र में डांस रियलिटी शो चक धूम धूम से ग्लैमर की दुनिया में प्रवेश करने वाले स्पर्श श्रीवास्तव बॉलीवुड में अपनी पहचान बना चुके हैं। हाल ही में मार्च के महीने में वे सिल्वर स्क्रीन पर अपनी दुल्हनिया को ढूंढते नजर आए थे। फिल्म लापता लेडीज में मुख्य किरदार थे।
इससे पहले स्पर्श श्रीवास्तव ने 'जामताडा' वेब सीरिज में काम किया था। स्पर्श कॉलर बोम्ब वेब सीरीज में भी काम कर चुके हैं। इसके साथ ही ओटीटी प्लेटफार्म अमेजॉन प्राइम पर 'ए वतन, मेरे वतन' फिल्म भी रिलीज हो चुकी हैं। इस फिल्म में सारा अली खान, इमरान हाशमी के साथ स्पर्श श्रीवास्तव भी हैं। इसके साथ ही वेब सीरीज 'जामतारा-2' में भी रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म में भी उनके अभिनय को काफी सराहा गया।
फिलहाल उनकी फिल्म लापता लेडीज के आस्कर में चुने जाने की खबर मिलते ही आगरा में खुशी की लहर है। अपने चहेते स्थानीय कलाकार को लोग फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर बधाई देने से पीछे नहीं है। इसके अलाा सोशल मीडिया पर उनके साथ अपने फोटो शेयर किए जा रहे हैं। फिल्म जगत में लोग उनके संघर्ष और मेहनत की शान में भी कसीदे पढ़ रहे हैं। ऐसा हो भी क्यों न किसी फिल्म का आस्कर के लिए चुना जाना छोटी बात नहीं है। वह भी तब जब आस—पास ही रणवीर कपूर की क्रिमिनल और अमिताभ बच्चन की कलकी जैसी फिल्में भी रिलीज हुई हों। आगरा के लोग इसे स्पर्श और उनकी फिल्म के लिए बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।
इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी फिल्म को ऑस्कर में एंट्री पाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना होता है। जैसे-फिल्म की लंबाई कम से कम 40 मिनट होनी चाहिए, ताकि उसे फीचर फिल्म की श्रेणी में रखा जा सके।
ऑस्कर अवॉर्ड्स का आयोजन अमेरिका की अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेस द्वारा किया जाता है। आपको बता दें, ऑस्कर अवॉर्ड्स में नामांकन के लिए किसी फिल्म को कई विशेष प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इन प्रक्रियाओं में कई चरण और नियम होते हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर किसी फिल्म को नामांकित किया जाता है।
ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए निर्णय लेने वाली संस्था एमएमपीएएस के लगभग 10,000 से ज्यादा सदस्य होते हैं। ये सदस्य अलग-अलग वर्गों में बंटे होते हैं, जैसे अभिनेता, डायरेक्टर, लेखक, सिनेमाटोग्राफर आदि। हर सदस्य अपने सेक्शन के अनुसार, फिल्मों का मूल्यांकन करता है। इसके अलावा फिल्म का लॉस एंजिल्स काउंटी के सिनेमाघरों में कम से कम सात दिन तक चलनी चाहिए.
फिल्म डायरेक्टर को अपनी फिल्म को ऑस्कर के लिए ऑफिशियली सबमिट करना होता है। फिल्म निर्माता अकादमी के पोर्टल पर एक आवेदन फॉर्म भरते हैं। जिसमें फिल्म से जुड़ी सारी जानकारी देनी होती है। इसके साथ ही फिल्म को ऑस्कर में नॉमिनेट करने के लिए अकादमी के सदस्यों के सामने फिल्म की स्क्रीनिंग भी की जाती है।
स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म की कहानी, अभिनय, निर्देशन, सिनेमाटोग्राफी और दूसरे तकनीकी पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है। इसके बाद अकादमी के सदस्य फिल्मों को अलग-अलग श्रेणियों में वोटिंग के माध्यम से नॉमिनेट करते हैं। फिर वोटिंग प्रक्रिया समाप्त होने के बाद नॉमिनेट की गई फिल्मों की लिस्ट तैयार की जाती है।