बरेली के निलंबित नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पर शिकंजा, कमिश्नर ने डीएम शामली के जरिए आरोप पत्र भेजा, 15 दिन में जवाब का अल्टीमेटम
गणतंत्र दिवस के दिन प्रांतीय सिविल सेवा से इस्तीफा देकर सुर्खियों में आए बरेली के निलंबित नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। मंडलायुक्त बरेली ने उनके विरुद्ध जारी आरोप पत्र जिलाधिकारी शामली को भेजते हुए 15 दिन में जवाब तलब किया है।
-रमेश कुमार सिंह-
बरेली। गणतंत्र दिवस के दिन प्रांतीय सिविल सेवा से इस्तीफा देने वाले बरेली के निलंबित नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के विरुद्ध जारी आरोप पत्र अब औपचारिक रूप से जिलाधिकारी शामली (उत्तर प्रदेश) को भेज दिया गया है। बरेली मंडल के आयुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने गुरुवार को यह आरोप पत्र डीएम शामली को प्रेषित करते हुए निर्देश दिए हैं कि इसे शीघ्र अलंकार अग्निहोत्री को तामील कराया जाए।
अलंकार अग्निहोत्री बरेली में नगर मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे। 26 जनवरी को शासन द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया था और साथ ही विभागीय जांच के लिए मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी को जांच अधिकारी नामित किया गया था। जांच अधिकारी की ओर से अलंकार अग्निहोत्री को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने बताया कि 4 फरवरी (बुधवार) को शासन के नियुक्ति अनुभाग से अलंकार अग्निहोत्री के विरुद्ध तैयार किया गया आरोप पत्र उन्हें प्राप्त हुआ था, जिसे गुरुवार को डीएम शामली को भेज दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिन की निर्धारित अवधि में अलंकार अग्निहोत्री का पक्ष प्राप्त नहीं होता है, तो यह माना जाएगा कि उन्हें अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है और जांच आगे बढ़ा दी जाएगी। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट समय से शासन को भेजी जाएगी।
गौरतलब है कि अलंकार अग्निहोत्री ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान से आहत होकर इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को अल्पमत की सरकार बताते हुए भारतीय जनता पार्टी को विदेशी जनता पार्टी तक कह दिया था। इसके साथ ही उन्होंने सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने के आरोप लगाए।
इतना ही नहीं, अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह पर स्वयं को 45 मिनट तक बंधक बनाए जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन और नारेबाजी भी की थी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद डीएम बरेली की ओर से शासन को अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति भेजी गई, जिसके आधार पर शासन ने उन्हें निलंबित करते हुए डीएम शामली कार्यालय से संबद्ध कर दिया था।
जिला प्रशासन की ओर से अलंकार अग्निहोत्री के विरुद्ध तीन प्रमुख बिंदुओं पर आरोप पत्र तैयार कर नियुक्ति अनुभाग को भेजा गया था। शासन के आरोप पत्र में उन पर केंद्र व राज्य सरकार के विरुद्ध आपत्तिजनक बयान देने, सरकारी सेवक होते हुए जातिगत भावना से द्वेषपूर्ण टिप्पणी करने तथा अधिकारी पद पर रहते हुए धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।