निलंबित अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का दिल्ली कूच का ऐलान, बोले- एससी–एसटी एक्ट खत्म करे सरकार नहीं तो देशव्यापी आंदोलन

-रमेश कुमार सिंह- बरेली। बरेली के निलंबित नगर मजिस्ट्रेट एवं पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली से आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए केंद्र सरकार को सीधी चेतावनी दी है कि यदि एससी–एसटी एक्ट जैसे काले कानून को समाप्त नहीं किया गया, तो देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। परशुराम धाम से उन्होंने साफ ऐलान किया कि अब लड़ाई बरेली तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बहुत जल्द दिल्ली कूच कर सरकार को आर-पार की चुनौती दी जाएगी।

Feb 4, 2026 - 14:37
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निलंबित अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का दिल्ली कूच का ऐलान, बोले- एससी–एसटी एक्ट खत्म करे सरकार नहीं तो देशव्यापी आंदोलन
बरेली में समर्थकों के बीच निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री।

मंगलवार देर रात बरेली पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री ने लाल फाटक स्थित परशुराम धाम मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हिंदू समाज अब चुप बैठने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि सामान्य और ओबीसी वर्ग के खिलाफ अन्याय करने वाले कानूनों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एससी–एसटी एक्ट को उन्होंने ड्रैकनियन एक्ट बताते हुए कहा कि यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है और समाज में भय व विभाजन पैदा करता है।

अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार को 7 फरवरी तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस कानून को समाप्त करने के लिए विशेष संसद सत्र नहीं बुलाया गया, तो पूरे देश में आंदोलन होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन निर्णायक होगा और सरकार को जनभावनाओं के आगे झुकना पड़ेगा।

परशुराम धाम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की मौजूदगी रही। ढोल-नगाड़ों, भगवा झंडों और जय परशुराम व भारत माता की जय के नारों के बीच पूरे इलाके में जोश और उत्साह का माहौल देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार, दिल्ली कूच की तारीख और रणनीति जल्द सार्वजनिक की जाएगी।

अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उनका इस्तीफा और निलंबन किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के भविष्य के लिए है। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस के दिन उन्होंने सरकार की नीतियों, विशेषकर यूजीसी के नए नियमों और एससी–एसटी एक्ट के विरोध में पद से इस्तीफा दिया था। वर्ष 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी रहे अलंकार अग्निहोत्री ने उन्नाव, बलरामपुर और लखनऊ जैसे जिलों में एसडीएम के रूप में कार्य किया है और अपनी सख्त व स्पष्टवादी कार्यशैली के लिए पहचाने जाते रहे हैं।

निलंबन के बाद प्रशासन की ओर से मिले नोटिस और आरोप पत्रों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि अपने समाज और सामान्य वर्ग के अधिकारों की बात करना अपराध कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद समाज को बांटने वाली नीतियां लागू कर रही है और जब कोई इसके खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे दबाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने इन आरोपों को हास्यास्पद बताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया।

प्रयागराज में शंकराचार्य से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि सनातन परंपराओं के साथ हो रहे अपमान को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन और मंडलायुक्त से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

राजनीतिक दलों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज के अधिकांश नेता रीढ़विहीन हो चुके हैं और सच बोलने का साहस नहीं रखते। उन्होंने कहा कि देश अब वैचारिक रूप से निर्णायक मोड़ पर खड़ा है और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बचाने के लिए संघर्ष अनिवार्य है। फिलहाल उनका पूरा फोकस दिल्ली कूच और एससी–एसटी एक्ट को खत्म कराने के आंदोलन पर है।

SP_Singh AURGURU Editor