तालिबान ने पाक को फटकारा, बोला- संभल कर बयान दें पाक नेता

तालिबान सरकार ने कहा है कि पाकिस्तान के नेताओं की ओर से आ रहे भड़काऊ बयान दोनों देशों के रिश्ते को खराब कर रहे हैं। पाकिस्तान में हो रहे हमलों के लिए अफगानिस्तान जिम्मेदार नहीं है।

Sep 21, 2025 - 22:00
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तालिबान ने पाक को फटकारा, बोला- संभल कर बयान दें पाक नेता


काबुल। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान की सेना और सरकार को आड़े हाथ लिया है। तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान की हर गड़बड़ के लिए अफगानिस्तान की तरफ उंगली उठाना बंद होना चाहिए। तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा पाकिस्तानी नेताओं को भड़काऊ बयान देने और काबुल पर आरोप मढ़ने से बचना चाहिए। पाकिस्तान में हो रहे हमलों के लिए उनके देश को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। इससे दोनों देशों के रिश्ते खराब होंगे और इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं।

तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद ने एक इंटरव्यू में यह सख्त बातें कही गई हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान की सेना और सरकार के लोग कह रहे हैं कि अफगानिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को पनाह मिल रही है। टीटीपी पर हालिया महीनों में पाकिस्तानी आर्मी पर हमले के आरोप लगे हैं। ऐसे में टीटीपी को लेकर दोनों देशों में लगातार बयानबाजी हो रही है।  

मुजाहिद ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि उसके नेताओं की धमकीभरी बयानबाज से टीटीपी पर लगाम लगाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तानी अधिकारियों की युद्धोन्मादी भाषा से दोनों देशों के संबंधों को नुकसान होगा। पाकिस्तानी नेताओं को चाहिए कि मीडिया में बोलकर माहौल बिगाड़ने या सैन्य कार्रवाई की बात करने की बजाय वार्ता के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए।'

मुजाहिद ने साफतौर पर कहा कि पाकिस्तान में उग्रवादियों और आतंकवादियों के हमले नए नहीं है। पाकिस्तान को हमें दोष देने के बजाय ऐसे हमलों को नाकाम करने के लिए कदम उठाने चाहिए। इस्लामाबाद को काबुल के साथ भी जानकारी साझा करनी चाहिए ताकि हम इन खतरों का मुकाबला करने के लिए प्रयास कर सकें। हम शांति के पक्षधर हैं लेकिन पाकिस्तान इसमें दिलचस्पी दिखाता नहीं दिखा है।

तालिबान प्रवक्ता के इस बयान को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को जवाब की तरह देखा जा रहा है। शहबाज शरीफ ने हाल ही में कहा था कि अफगान तालिबान अगर टीटीपी का समर्थन जारी रखेगा तो हम काबुल से संबंध तोड़ लेंगे। अफगान तालिबान को इस्लामाबाद और टीटीपी में से किसी एक को चुनना होगा।

पाकिस्तान का मानना है कि साल 2021 में तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद से उसके खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में सुरक्षा व्यवस्था चुनौती बनी है। यहां सुरक्षा बलों, बुनियादी ढांचे और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा प्रोजेक्ट को टीटीपी ने निशाना बनाया है। पाक की सरकार और सेना टीटीपी का बेस अफगानिस्तान में मानती है।