तालिबान की पाक को खुली धमकी-आंतरिक मामलों में टांग न अड़ाएं

काबुल। तालिबान और पाकिस्तान में तनाव बढ़ता जा रहा है। तालिबान ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना चेतावनी दी है कि अगर आपके बुरे इरादे हैं, तो उसे त्याद दें। तालिबान ने यह भी कहा है कि हम सब पर नजर बनाए हुए हैं। उसने कहा कि हम दूसरों के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते हैं। ऐसे में कोई और देश भी हमारे मामले में टांग न अड़ाए। तालिबान की ओर से ये धमकियां रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब मुजाहिद, विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी, आर्थिक मामलों के उप-प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर और तालिबान के खुफिया महानिदेशक अब्दुल हक वसीक शामिल हैं। ऐसे में इसे पाकिस्तान को खुली धमकी के तौर पर देखा जा रहा है।

Aug 20, 2025 - 23:11
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तालिबान की पाक को खुली धमकी-आंतरिक मामलों में टांग न अड़ाएं


 

दरअसल, पाकिस्तान का एक थिंक टैंक इस्लामाबाद में तालिबान विरोधी नेताओं की बैठक आयोजित करने जा रहा है। इस बैठक को पाकिस्तानी सरकार, सेना और आईएसआई का समर्थन हासिल है। इस बैठक में तालिबान विरोधी शीर्ष नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। इस दौरान अफगानिस्तान के भविष्य और अलग-थलग पड़े तालिबान विरोधी नेताओं की एकजुटता पर जोर दिया जाएगा। यहां तक कि इस्लामाबाद में तालिबान विरोधी नेताओं के एक अंतरराष्ट्रीय कार्यालय खोले जाने को लेकर भी समझौता होने की उम्मीद है। इस बैठक को पाकिस्तान की तालिबान पर दबाव की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।  

तालिबान शासित अफगान रक्षा मंत्रालय में 19 अगस्त को आयोजित एक समारोह में रक्षा मंत्री मौलवी मोहम्मद याकूब ने कहा कि अफगानिस्तान का इस्लामिक अमीरात दूसरों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता है और न ही किसी को अपने मामलों में हस्तक्षेप करने देगा। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना क्षेत्र और वैश्विक शक्तियों को कड़ी चेतावनी देते हुए उनसे अफगानिस्तान के प्रति किसी भी दुर्भावनापूर्ण इरादे को त्यागने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हम क्षेत्रीय देशों, पड़ोसी देशों और वैश्विक शक्तियों को यह संदेश देते हैं: यदि आपके अफगानिस्तान के प्रति बुरे इरादे हैं, तो उन्हें त्याग दें। अफगानिस्तान का आपके प्रति कोई बुरा इरादा नहीं है; वह इस्लामी शरिया के आधार पर सभी के साथ सकारात्मक संबंध चाहता है।"

तालिबानी विदेश मंत्री अमीर खआन मुत्ताकी ने कहा कि अफगानिस्तान अब पहले से कहीं अधिक एकजुट है और इस बात पर जोर दिया कि किसी को भी देश के प्रति दुर्भावना नहीं रखनी चाहिए। मुत्ताकी ने कहा, "पड़ोसी देशों, क्षेत्र और अन्य जगहों पर रहने वालों को अफगानिस्तान के बारे में नकारात्मक विचार नहीं रखने चाहिए। देश अब एकीकृत है और लंबे अनुभव के बाद, एक मजबूत व्यवस्था का निर्माण कर चुका है।"

तालिबान सरकार में आर्थिक मामलों के उप-प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान पर फिर से कब्ज़ा करने का सपना देखने वालों को आक्रमणों के ख़िलाफ़ अफ़ग़ानिस्तान के पिछले संघर्षों पर विचार करना चाहिए। बरादर ने कहा, "हम अफगानिस्तान के प्रति दुर्भावना रखने वाले सभी देशों से यह जानने का आह्वान करते हैं कि हम हर चीज पर नजर रख रहे हैं और हमारे अपने आकलन हैं। इन देशों को अफगानिस्तान के इतिहास से सीख लेनी चाहिए।"

वहीं, तालिबान के खुफिया महानिदेशक अब्दुल हक वसीक ने कहा कि इस्लामिक अमीरात देश के आंतरिक मामलों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं होने देगा। वसीक ने आगे कहा कि इस्लामिक अमीरात की व्यवस्था इस बार स्थायी है और किसी को भी इसके पतन का सपना नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा, "किसी को भी यह नहीं सोचना चाहिए कि इस्लामी अमीरात पर कब्जा कर लिया जाएगा या यह व्यवस्था बिखर जाएगी। नहीं, अल्लाह की इच्छा से, इस बार अमीरात एक मजबूत व्यवस्था है, और कोई भी इसके विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर पाएगा।"