aurguru news:बरेली प्रशासन के लिए अगस्त के अंतिम दिन हैं चुनौती भरे
बरेली। जिला प्रशासन के लिए अगस्त के अंतिम दिन चुनौती से भरे हैं। बरेली की जनता श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दंगे का दंश झेल चुकी है। दरगाह आला हजरत उर्स में आने वाले लाखों जायरीनों और पुलिस आरक्षी भर्ती की परीक्षा के लिए प्रत्येक दिन आने वाले पौने दो लाख युवाओं को नियंत्रित करना जिला प्रशासन की परीक्षा है।
बरेली के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि बरेली जिला प्रशासन के लिए अगस्त के अंतिम दिन चुनौती से भरे हैं, क्योंकि बरेली का इतिहास कानून व्यवस्था की दृष्टि से संतोषजनक नहीं रहा है। इसी के मद्देनजर हमने कानून व्यवस्था को प्राथमिकता पर रखा है। दो दिन की पुलिस आरक्षी भर्ती की परीक्षा सकुशल सम्पन्न हो चुकी है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं चेहल्लुम एक ही दिन होने के कारण प्रशासन ने विशेष रणनीति बनाई है। पुलिस और अर्धसैनिक बल शहर में गश्त कर रहा है। जिला प्रशासन जनता को विश्वास में लिए हुए है। यहाँ की व्यवस्था को जनता सहर्ष अंगीकार कर रही है। सेक्टर मजिस्ट्रेट स्टेटिक्स मजिस्ट्रेट निरंतर शहर में मूवमेंट पर हैं।
जायरीनों का बरेली आने का सिलसिला शुरू हो गया है। उर्स में 31 अगस्त को तीन से पांच लाख जायरीनों के आने की सम्भावना व्यक्त की गयी है। उधर इन दिनों में ही पुलिस आरक्षी भर्ती की परीक्षा में डेढ़ से पौने दो लाख लोग आएंगे। 30 व 31 अगस्त जिला प्रशासन के लिए चुनौती भरा है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, चेहल्लुम, गंगा महारानी शोभायात्रा, आला हजरत उर्स एवं पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा सकुशल सम्पन्न कराना बहुत बड़ी चुनौती है। जिला प्रशासन के समक्ष ऐसी चुनौती पहली बार आई है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन रविंद्र कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। यहाँ की कानून व्यवस्था बिगड़ने की कोई गुंजाइश नहीं है।