ईरान में या तो होगी शांति या मचेगी तबाही - ट्रंप
वाशिंगटन। अमेरिका ने ईरान के तीन न्यूक्लियर ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इस दौरान अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्फहान, नतांज और फोर्डो तीनों परमाणु ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान में या तो शांति होगी या फिर तबाही मचेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के न्यूक्लियर ठिकानो पर हमला करने के बाद अमेरिका को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने ईरान पर अमेरिकी सेना की एयरस्ट्राक के बारे में देश और दुनिया को बताया। उन्होंने कहा कि हमने तीन न्यूक्लियर साइट पर अटैक किया है, जो सफल रहा।
ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान मिडिल ईस्ट में आतंकवाद का सबसे बड़ा पोषक है। हमने उनके 3 न्यूक्लियर साइट को तबाह कर दिया है। अब उन्हें शांति के रास्ते पर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान हमारे लोगों को मार रहा है। वह ऐसा पिछले 40 सालों से करता आ रहा है।
एयरस्ट्राइक को लेकर ट्रंप ने कहा कि मैंने कोशिश की कि ऐसा न हो, लेकिन हमें ऐसा करना पड़ा। हालांकि, अगर ईरान हमला नहीं करेगा तो हम भी नहीं करेंगे। ईरान में या तो शांति होगी या फिर त्रासदी का सामना करना पड़ेगा। हमने जो किया वो कोई सेना नहीं कर सकती है।
ट्रंप ने बयान में आगे कहा कि ईरान ने इजरायल और मिडिल ईस्ट के कई लोगों की जान ली है। इस तरह से अगर अगर शांति अभी स्थापित नहीं होती है तो हम और अन्य साइट पर अटैक करेगें जिसमें हमें कुछ मिनट ही लगेंगे। इसके अलावा ट्रंप ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इजरायली सेना ने बहुत अच्छा काम किया है। हमले के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन पर सारी जानकारी दी थी।