ईरान पर बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी में ट्रंप, परमाणु ठिकानों पर गुप्त हमले, तख्तापलट का प्लान!
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी की है। हालांकि, अमेरिका कभी भी ईरान के खिलाफ पूर्ण पैमाने पर युद्ध नहीं छेड़ेगा। इसकी जगह अमेरिका ने ईरान पर टारगेटेड हमले का प्लान बनाया है। इसके जरिए ईरान के परमाणु सुविधाओं और मिसाइल फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जाएगा।
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। इसमें मिलिट्र रेड और स्पेशल फोर्सेज ऑपरेशन शामिल हैं। इसके जरिए ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ पूर्ण पैमाने पर हमला किए बगैर तख्तापलट करने और उसके परमाणु महत्वाकांक्षा को खत्म करने पर विचार कर रहा है। अगर इस प्रस्ताव को अमल में लाया जाता है, तो इसमें ईरानी परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल फैसिलिटी पर तेज हवाई हमले और हाई रिस्क ग्राउंड ऑपरेशन को अंजाम दिया जाएगा। इसके लिए अमेरिकी सैनिकों की खास टुकड़ियां ईरानी जमीन पर उतरेंगी और मिशन अंजाम देकर वापस लौट जाएंगी।
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन जिन योजनाओं पर विचार कर रहा है, इनमें अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज कमांडो को गुप्त रूप से ईरानी इलाके में भेजना और जून 2025 के हमलों के बाद बचे हुए न्यूक्लियर ठिकानों को नष्ट करना या उन्हें बेकार करना शामिल है। इसका मकसद ईरान में बड़े पैमाने पर उथल-पुथल पैदा करना है, जिससे देश का मुल्ला सिस्टम अस्थिर हो जाए और संभावित रूप से नेतृत्व परिवर्तन या सत्ता में परिवर्तन जैसी घटओं को अंजाम दिया जा सके।
हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि वह ईरान के खिलाफ मिलिट्री कार्रवाई से बचना चाहते हैं। उन्होंने कहा है कि वह ईरान से बात कर रहे हैं। उन्होंने मिलिट्री ऑपरेशन से बचने की संभावना को खुला रखा, जबकि पहले चेतावनी दी थी कि तेहरान के लिए समय "खत्म हो रहा है" क्योंकि अमेरिका इस क्षेत्र में एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा भेज रहा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह ईरान से बात करेंगे, तो ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "मैंने बात की है, और मैं इसकी योजना बना रहा हूं।" ट्रंप ने कहा, कहा, "हमारे पास एक ग्रुप है जो ईरान नाम की जगह पर जा रहा है, और उम्मीद है कि हमें इसका इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा।"
ईरान ने भी ट्रंप की धमकियों पर पलटवार किया है। उसने कहा है कि अगर अमेरिका की तरफ से कोई भी हमला होता है तो उसे पूर्ण पैमाने पर युद्ध की तरह देखा जाएगा। ईरान ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की धमकी भी दी है। ईरानी सेना का कहना है कि वह पहले से ज्यादा तैयार है और उसकी उंगलियां ट्रिगर पर है। एक ईरानी मिलिट्री प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि किसी भी अमेरिकी कार्रवाई पर तेहरान की प्रतिक्रिया सीमित नहीं होगी - जैसा कि पिछले साल जून में हुआ था जब अमेरिकी विमानों और मिसाइलों ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। ईरानी प्रवक्ता ने कहा, "बल्कि यह एक निर्णायक प्रतिक्रिया होगी जो तुरंत दी जाएगी।"