ट्रंप के टैरिफ प्लान के कारण शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स धड़ाम

नए फाइनेंशियल ईयर के पहले दिन शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली। आईटी और बैंक के शेयरों में गिरावट के कारण सेंसेक्स लगभग 900 अंक से अधिक गिर गया। निफ्टी भी 23,500 के नीचे चला गया। जानकारों का कहना है कि अमेरिका में टैरिफ को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इसी वजह से निवेशक थोड़ा डरे हुए हैं और शेयर बेच रहे हैं।

Apr 1, 2025 - 11:01
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ट्रंप के टैरिफ प्लान के कारण शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स धड़ाम


नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में नए फाइनेंशियल ईयर के पहले दिन आज शुरुआती कारोबार में गिरावट देखी जा रही है। सुबह 10.37 बजे बीएसई सेंसेक्स 939 अंक की गिरावट के साथ 76,475.52 अंक पर आ गया। निफ्टी 50 भी 216.80 अंक की गिरावट के साथ 23302.55 अंक पर था। डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से आने वाले टैरिफ (टैक्स) को लेकर बाजार में चिंता है। सेंसेक्स में इन्फोसिस,  टीसीएस और एचसीएल टेक जैसी आईटी कंपनियों के शेयर लाल निशान में थे। साथ ही बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व और टाइटन में भी गिरावट आई। हालांकि, कुछ कंपनियों के शेयरों में तेजी आई। इनमें इंडसइंड बैंक, एमएंडएम, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल और एनटीपीसी शामिल हैं।

इस बीच सरकारी कंपनी एचएएल का शेयर शुरुआती कारोबार में 7% से अधिक चढ़ गया। कंपनी को रक्षा मंत्रालय से 62,700 करोड़ रुपये की डील मिली है। कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक कंपनी एयरफोस और नेवी के लिए 156 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड बनाएगी। बीएसई पर कंपनी का शेयर 7.5 फीसदी तेजी के साथ 4492.80 रुपये तक गया। साथ ही एतबीएल इंजीनियरिंग के शेयरों में भी 9.2% तेजी आई। कंपनी को कवच सिस्टम के लिए सेंट्रल रेलवे से 762.56 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला है।

देश की तीसरी बड़ी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया के शेयर भी शुरुआती कारोबार में 10 फीसदी के अपर सर्किट पर पहुंच गए। बीएसई पर यह 10 फीसदी तेजी के साथ 7.49 रुपये पर पहुंच गया। सरकार के कंपनी के 36,950 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम बकाये को इक्विटी में बदल दिया है। इससे कंपनी की देनदारी में गिरावट आई है और वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है। यही वजह है कि कंपनी के शेयरो में आज तेजी देखी जा रही है। इस कदम से कंपनी में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 22.6% से बढ़कर 48.99% हो जाएगी। प्रमोटर वोडाफोन पीएलसी की हिस्सेदारी घटकर 16.1 फीसदी और आदित्य बिड़ला ग्रुप की 9.4% रह जाएगी। हालांकि कंपनी का ऑपरेशनल कंट्रोल प्रमोटर्स के हाथों में ही रहेगा।