कृष्ण कुटीर में 'वृन्दावन बानिक बन्यो' रासलीला का अनुपम मंचन, वृद्ध माताएं हुईं भावविभोर

वृन्दावन। महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित ‘कृष्ण कुटीर’ महिला आश्रय सदन में शुक्रवार को एक अत्यंत भावप्रवण और आध्यात्मिक सांस्कृतिक आयोजन हुआ। गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी वृंदावन की प्रशिक्षु बालिकाओं ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित रासलीला ‘वृन्दावन बानिक बन्यो’ का मंचन कर वृद्ध माताओं को भावविभोर कर दिया।

May 30, 2025 - 18:57
 0
कृष्ण कुटीर में 'वृन्दावन बानिक बन्यो' रासलीला का अनुपम मंचन, वृद्ध माताएं हुईं भावविभोर
वृंदावन स्थित कृष्ण कुटीर में शुक्रवार को आयोजित की गई रासलीला के कुछ मनमोहक दृश्य।

-गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी की बाल कलाकारों की प्रस्तुति ने कृष्ण कुटीर में रचा भावनात्मक और सांस्कृतिक संगम

कार्यक्रम का शुभारंभ महिला एवं बाल कल्याण विभाग की उप निदेशक श्रीमती श्रुति शुक्ला, जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री विकास कुमार, गीता शोध संस्थान के निदेशक प्रो. दिनेश खन्ना, प्रशासनिक अधिकारी शिल्पा मुरगई, और संयोजक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

रासलीला में नारी शक्ति और ब्रज संस्कृति का सुंदर समन्वय

रासलीला की संकल्पना एवं निर्देशन स्वयं प्रो. दिनेश खन्ना द्वारा किया गया। प्रशिक्षु बालिकाओं ने अत्यंत सुंदर अभिनय और नृत्य के माध्यम से लीला को मंच पर जीवंत किया। मंचन में भाग लेने वाली प्रमुख कलाकार रहीं-

मोहिनी कृष्ण दासी, निशा, लवी, जयंती, राधिका, कामिनी पांडे, चांदनी, कामिनी, डोली, दीक्षा, सुमिति, द्रोपदी, विनीता, तनिष्का प्रिया, मोहिनी उपाध्याय, आकांक्षा रोशनी, पारुल, प्राची चंपकलता (जर्मनी निवासी)।

संगीत और तकनीकी सहयोग से सजीव हुई प्रस्तुति

तबला संगत: सुनील पाठक।

सारंगी: मनमोहन कौशिक।

बांसुरी संयोजन: दीनानाथ।

हारमोनियम एवं रास पद गायन: आकाश शर्मा।

वस्त्र सज्जा: श्रीमती रितु सिंह।

नृत्य प्रशिक्षण (कथक): वैभवी (भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय, लखनऊ)।

रासलीला संयोजन व संचालन: चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार।

मंचन व्यवस्था सहयोगी: शिल्पा मुरगई, दीपक शर्मा, रामवीर सिंह।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्रजवासी, सांस्कृतिक क्षेत्र के विशिष्टजन, छात्राएं और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। माधव सभागार रासलीला की आध्यात्मिक ध्वनि से गुंजायमान रहा और प्रस्तुति के अंत में दर्शकों ने खड़े होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

अधिकारियों ने की सराहना

श्रीमती श्रुति शुक्ला ने कहा कि रासलीला मंचन ने यह सिद्ध कर दिया कि पारंपरिक ब्रज संस्कृति आज भी जीवंत है और नई पीढ़ी इसे आदर के साथ संजोए हुए है। विकास कुमार ने आयोजन की सफलता पर गीता शोध संस्थान को धन्यवाद दिया और भविष्य में भी ऐसी प्रस्तुतियों की आशा जताई। प्रो. दिनेश खन्ना ने संस्थान की गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला।

SP_Singh AURGURU Editor