उटंगन हादसा: सात युवाओं की तलाश के लिए नदी तल को जल विहीन करने का काम जारी

आगरा। खेरागढ़ थाना क्षेत्र के कुसियारपुर गांव में देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान गुरुवार को 13 युवकों के डूबने वाले हादसे में अब भी सात युवकों के शव बरामद नहीं हो सके हैं। परसों से जारी रेस्क्यू अभियान के बावजूद सात युवाओं का पता नहीं चला तो प्रशासन ने नदी तल को जल विहीन करने का रणनीतिक निर्णय लेना पड़ा। भरतपुर जिले के पांचना बांध पर उटंगन नदी का बहाव पहले ही रोका जा चुका है। इसके साथ ही घटनास्थल तक पानी न पहुंचने देने के लिए आगरा मेट्रो की टीमें बेरीकेड लेकर पहुंच चुकी हैं।

Oct 4, 2025 - 21:49
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उटंगन हादसा: सात युवाओं की तलाश के लिए नदी तल को जल विहीन करने का काम जारी
खेरागढ़ के कुसियारपुर गांव में उटंगन नदी के हादसा स्थल पर मौजूद सांसद राज कुमार चाहर, विधायक भगवान सिंह कुशवाह, जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी और अन्य।

जिलाधिकारी आगरा अरविंद मलप्पा बंगारी ने राजस्थान के करौली जिले के डीएम से संपर्क कर पांचना बांध पर उटंगन नदी के बहाव को पूरी तरह रोकवाया। घटनास्थल पर सांसद राज कुमार चाहर, क्षेत्रीय विधायक भगवान सिंह कुशवाह और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया भी मौजूद हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन की जटिलता को देखते हुए नदी के बहाव को रोकने और तल का पानी निकालने के लिए घटनास्थल पर नाला खोदा गया है। इस नाले को जेसीबी मशीन की सहायता से तैयार किया जा रहा है, जिससे दलदल में फंसे शवों तक आसानी से पहुंचा जा सके।

गुरुवार को हुए हादसे में 13 युवकों में से एक को जीवित बचा लिया गया था। पांच युवकों के शव कल दोपहर बरामद कर लिए गये थे और कल ही रात में उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था। शेष सात युवकों की तलाश में आर्मी, एनडीआरएफ की दो टीमें, एसडीआरएफ और प्राइवेट गोताखोर लगातार जुटे हुए हैं। पुलिस और प्रशासन का मानना है कि सातों युवक बरसात के दौरान नदी तल पर जमा पत्थरों के चूरे और अवैध खनन के गड्ढों में फंस गए हैं, जिससे गोताखोर उन्हें नहीं डूंढ पा रहे।

स्थानीय लोगों ने बताया कि खनन माफिया द्वारा नदी में अवैध खनन के चलते नदी तल में 50-60 फीट गहरे गड्ढे बन चुके थे। इन गड्ढों तक ट्रैक्टर लाने और निकालने के लिए रैंप जैसे रास्ते बनाए जाते हैं और फिसलन रोकने के लिए पत्थरों का चूरा डाला जाता है। बारिश में यह चूरा बहकर गड्ढों में जमकर दलदल का रूप ले लेता है, और यही क्षेत्र अब सातों युवकों की तलाश के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

रेस्क्यू टीमों की मेहनत जारी है और नदी तल का जल पूरी तरह निकालने के बाद दलदल में फंसे शवों की खोज और तेज की जाएगी। प्रशासन ने चेताया है कि यह अभियान लंबा और कठिन होगा, लेकिन सभी उपाय अपनाकर सातों युवाओं को बरामद करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor