लोकसभा से वक्फ संशोधन बिल पारित, आज राज्यसभा में होगा पेश

नई दिल्ली। लोकसभा में वक्फ (संशोधन) बिल 2024 पारित हो गया है। बिल पर रात्रि करीब एक बजे लोकसभा में वोटिंग हुई। बिल के समर्थन में 288 और 232 वोट विरोध में पड़े।

Apr 3, 2025 - 07:09
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लोकसभा से वक्फ संशोधन बिल पारित, आज राज्यसभा में होगा पेश


सरकार ने इस बिल पर चर्चा करने का फैसला, जबकि विपक्ष ने इस बिल का विरोध करने का ऐलान किया। विपक्षी दलों का कहना है कि सभी इंडिया ब्लॉक पार्टियां इस बिल को 'विफल' करने के लिए एकजुट हैं। विपक्ष इसे असंवैधानिक और मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ मानता है।

माइनॉरिटी अफेयर्स मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को संशोधनों के साथ पेश किया और इसके बाद सदन में इस पर बहस हुई। बहस के दौरान, रिजिजू ने सदन को संबोधित किया और फिर बिल को पारित करने के लिए वोटिंग हुई। यह बिल पिछले साल पेश किया गया था और इसके बाद इसे एक संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया था। अब यह बिल लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा में चर्चा के लिए आज ही पेश किया जाएगा।

विधेयक 2024 का एक प्रमुख उद्देश्य वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995 करना है। केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड एक्ट में करीब 40 बदलाव करना चाहती है। एक अहम बदलाव वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों का प्रवेश हो सकता है। इसका मकसद महिलाओं और अन्य मुस्लिम समुदाय की सहभागिता को बढ़ाना है। साथ ही नए बिल में बोर्ड पर सरकार का नियंत्रण बढ़ाया जा सकता है।

विधेयक पर चर्चा और उसके बाद उसे मंजूरी मिलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार द्वारा निचले सदन में एनडीए की संख्यात्मक श्रेष्ठता का दावा करने के लिए शक्ति प्रदर्शन के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।

बिल को ओवैसी ने लोकसभा में फाड़ा

इससे पहले चर्चा रे दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर सरकार की आलोचना की। ओवैसी ने इस विधेयक को देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय पर हमला बताया है। लोकसभा में इस विधेयक को लेकर जारी बहस के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख ने सरकार पर तीखा हमला किया। अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने बिल को 'असंवैधानिक कृत्य' बताते हुए वक्फसंशोधन विधेयक की प्रति फाड़ दी। इस पर जेपीसी प्रमुख जगदंबिका पाल ने ओवैसी की निंदा की। इससे पहले ओवैसी ने बिल को देश में सबसे बड़े अल्पसंख्यक पर हमला बताया। 


अखिलेश के तंज पर अमित शाह का जवाब

लोकसभा में आज वक्फ बोर्ड बिल पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने एक ऐसी बात कही कि गृह मंत्री अमित शाह ने उठकर उन्हें 25 साल वाला आशीर्वाद दे दिया। दरअसल चर्चा के दौरान अखिलेश ने कहा कि ये जो बीजेपी है जो सबसे बड़ी पार्टी कहती है वो अपना अध्यक्ष ही नहीं चुना पा रही है। इसके बाद विपक्ष की तरफ से शेम शेम की आवाज आने लगी। तभी अमित शाह ने अखिलेश के भाषण में दखल दिया। हल्के-फुल्के क्षण के बीच जब अखिलेश ने बीजेपी पर तंज कसा तो बीजेपी की तरफ से मोर्चा खुद गृह मंत्री अमित शाह ने संभाल लिया। वो अखिलेश के भाषण के बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि अखिलेश जी ने हंसते-हंसते कहा है इसलिए मैं भी हंसते-हंसते ही जवाब दूंगा। उन्होंने कहा कि सामने जितनी पार्टियां हैं उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष उनको 5 में से ही चुनना है। एक ही परिवार से चुनना है। माननीय अध्यक्ष जी करोड़ों सदस्यों में से 12-13 करोड़ सदस्यों में से प्रक्रिया करके चुनना है तो देर लगती है। आपके यहां जरा भी देर नहीं लगेगी। मैं कह देता हूं कि आप 25 साल तक अध्यक्ष हो जाओ। नहीं बदल सकता। जब अमित शाह ने उन्हें 25 साल वाला आशीर्वाद दिया तो अखिलेश ठहाके लगाकर हंसने लगे। 

आज राज्यसभा में पेश होगी वक्फ संशोधन बिल
वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पास हो गया है. अब इसे आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा। लोकसभा में इस बिल के पास होने के दौरान लंबी चर्चा हुई। 

विपक्ष झूठ बोल रहा, मुसलमानों को मिलेगा फायदा- जगदंबिका पाल
वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित होने पर वक्फ पर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, "...आज ऐतिहासिक दिन है। अब न केवल गरीब मुसलमानों को इसका लाभ मिलेगा, बल्कि ओबीसी और पसमांदा समुदायों के लोगों को भी वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिलेगा। सरकार ने वक्फ को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए विधेयक पेश किया है और इससे आम मुसलमानों को लाभ मिलेगा...विपक्ष झूठ बोल रहा है.।."

 बिहार चुनाव में सब पता चल जाएगा- चिराग पासवान
वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित होने पर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, "...अगर बेहतरी के लिए कुछ संशोधन किए जा रहे हैं तो विपक्ष को भी सहयोग करना चाहिए। अगर पारदर्शिता लाने का प्रयास किया जा रहा है तो उन्हें आपत्ति क्यों है...सिर्फ इसलिए कि प्रधानमंत्री, NDA विधेयक लेकर आ रहा है, वे (विपक्ष) कह रहे हैं कि यह गलत है... बिहार चुनाव में पता चल जाएगा... ये संशोधन गरीब मुसलमानों और महिला मुसलमानों के हक में है।"