वक्फ संशोधन बिल किसी कीमत पर कबूल नहीं- मौलाना तौकीर रजा
बरेली। इत्तेहादे -ए-मिल्लत कौंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने बुधवार को कहा कि वक्फ संशोधन बिल को किसी भी कीमत पर कबूल नहीं किया जाएगा। हम ऐसे किसी बिल को मंजूरी नहीं दे सकते और न ही समर्थन कर सकते जो संविधान के दायरे से बाहर हो। वक्फ संशोधन बिल का विरोध लोकतांत्रिक तरीके से करेंगे।
-यूपी में दंगे अबह इसलिए नहीं हो रहे क्योंकि दंगे करने वाले सत्ता में हैं
-अखिलेश यादव सरकार के समय राज्य में 100 से ज्यादा दंगे हुए थे
मौलाना तौकीर रजा बरेली में बुधवार की पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल लाया जा चुका है, जिसका देश भर में विरोध भी शुरू हो गया है। यह सब हिन्दू समाज को बरगलाने के लिए किया जा रहा है। तौकीर रज़ा ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्होंने जो ईश्वर की शपथ ली है, उसके विरुद्ध काम कर रहे हैं। यह ईश्वर के साथ धोखा करने जैसा है।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को सताया नहीं जा रहा है, बल्कि वे खुद अपने साथ अच्छा नहीं कर रहे हैं। ताकत के बल पर जो चाहे किया जा सकता है। भाजपा को इस बात का अहसास है कि जो कमजोर है, उसे और कमजोर किया जाए या और ज्यादा दबाया जाए। उन्होंने कहा कि अन्याय का जितना विरोध किया जाना चाहिए, उतना विरोध नहीं हुआ है।
मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि हम पर यह आरोप लगाया जाता है कि हमने नाजायज़ कब्जे करके वक्फ किए हैं, जबकि हमारे बुजुर्गों ने अपनी जायदादों को वक्फ किया है। कई बादशाहों ने भी ऐसा किया। उन्होंने कई मंदिर बनवाए और मंदिरों को जायदादें दीं। अब उल्टा उनकी जायदादें छीनी जा रही हैं।
मौलाना तौकीर रज़ा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली में दंगों पर मंगलवार को बरेली में दिए बयान पर कहा कि जब दंगाई सत्ता में हैं तो दंगे कैसे हो सकते हैं? दंगे और बम भाजपा ने हिफाज़त से रखे हुए हैं। जब वे सत्ता में नहीं होंगे तो इनका इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दंगों का शहर सिर्फ बरेली नहीं था, बल्कि पूरा उत्तर प्रदेश था। जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तो मुझे याद है कि 100 से ज्यादा दंगे हुए थे। तब मैं उनके साथ गया था ताकि उन्हें ज़मीनी हकीकत बता सकूं। उन्होंने कहा कि मुसलमान उस वक्त भी अमन पसंद था और आज भी अमन पसंद है। अगर मुसलमान दंगाई होते तो आज भी दंगे कर रहे होते। यह हिन्दू समाज को सोचने का विषय है कि आज दंगे क्यों नहीं हो रहे हैं।
मौलाना ने कहा कि कुछ मुस्लिम संगठन भाजपा और संघ के साथ मिले हुए हैं। नागपुर में दंगे के लिए बजरंग दल और विहिप के लोग आए थे और अब मुस्लिम नौजवानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। अगर हिंदुस्तान में अमन बनाए रखना है, तो यह सोच लेना चाहिए कि मुसलमान कब तक सब्र करेगा। बजरंग दल और विहिप जैसे संगठन भाजपा और संघ के ही पैदा किए हुए संगठन हैं, जो अब भस्मासुर बन चुके हैं और सरकार के नियंत्रण में नहीं हैं।