गीता के ज्ञान से जीवन को मिलेगी नई दिशा, श्रीकृष्ण के उपदेशों को आत्मसात करने का आह्वान, दो दिवसीय सेमिनार का समापन

आगरा। श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान को जीवन में उतारने का आह्वान करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन के संघर्षों में सही कर्म, धैर्य और विवेक का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ज्ञान है। गीता परिचय अभियान, जयपुर की आगरा शाखा द्वारा महाराजा अग्रसेन भवन, लोहामंडी में आयोजित दो दिवसीय गीता सेमिनार के समापन दिवस पर नवम से अठारहवें अध्याय तक पाठ एवं व्याख्यान हुए। देश के विभिन्न स्थानों से आए सैकड़ों साधकों ने गीता के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

Sep 13, 2026 - 22:10
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गीता के ज्ञान से जीवन को मिलेगी नई दिशा, श्रीकृष्ण के उपदेशों को आत्मसात करने का आह्वान, दो दिवसीय सेमिनार का समापन
महाराजा अग्रसेन भवन, लोहामंडी में गीता परिचय अभियान, जयपुर की आगरा शाखा के सेमिनार के द्वितीय दिवस श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ एवं व्याख्यान करते आचार्य सुधीर यादव।

मुख्य वक्ता सुधीर यादव, जयपुर ने नवम अध्याय का वाचन करते हुए कहा कि परमात्मा समग्र हैं और प्रत्येक व्यक्ति अपनी श्रद्धा एवं भाव के अनुसार ईश्वर की उपासना करता है। ईश्वर की प्राप्ति के लिए श्रद्धा, साधना और निरंतर अभ्यास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गीता में ज्ञान, ध्यान और कर्मफल के त्याग को विशेष महत्व दिया गया है। कर्म को ईश्वर को समर्पित कर फल की आसक्ति से मुक्त होने पर मनुष्य को शांति और स्थिरता प्राप्त होती है।

सुधीर यादव ने कहा कि गीता जीवन के संघर्षों से भागने के बजाय उनका सामना करते हुए कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देती है। आज तनाव और भागदौड़ भरे जीवन में गीता के उपदेश मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सही निर्णय लेने की शक्ति दे सकते हैं। उन्होंने गीता के प्रचार-प्रसार को मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने का अभियान बताया।

अलग-अलग अध्यायों की व्याख्या

आचार्य एड जानकी शर्मा ने दसवें एवं ग्यारहवें अध्याय का पाठ कर भगवान की विभूतियों और विराट स्वरूप का वर्णन किया। मिथिलेश चौधरी ने बारहवें अध्याय के माध्यम से भक्ति योग का महत्व समझाया। अनूप श्रीवास्तव ने सोलहवें अध्याय में दैवी एवं आसुरी संपदाओं के जरिए मनुष्य के आचरण और चरित्र की चर्चा की। बीएस नखलक ने सत्रहवें एवं अठारहवें अध्याय का वाचन करते हुए श्रद्धा, कर्म, त्याग, संन्यास और मोक्ष के मार्ग पर प्रकाश डाला।

सामूहिक श्लोक पाठ से गूंजा सभागार

सेमिनार के दौरान सैकड़ों साधकों ने सामूहिक रूप से गीता के श्लोकों का पाठ किया। एक स्वर में श्लोक उच्चारण और संकीर्तन से सभागार भक्तिमय हो गया। प्रतिभागियों ने गीता के संदेश को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

आयोजकों ने बताया कि स्वामी रामसुखदास जी की प्रेरणा से गीता परिचय अभियान, जयपुर की आगरा शाखा लगातार गीता के प्रचार-प्रसार का कार्य कर रही है। दो दिवसीय सेमिनार में सभी 18 अध्यायों के माध्यम से कर्मयोग, ज्ञानयोग, भक्तियोग, ध्यान, आत्मसंयम, त्याग और मोक्ष जैसे विषयों को सरल एवं व्यावहारिक ढंग से समझाया गया।

सेमिनार का संचालन सेवानिवृत्त इनकम टैक्स कमिश्नर उमेश चंद्र दुबे ने किया। इस अवसर पर आरएस गुप्ता, अंकित बंसल, पुष्पेंद्र सिंह, बीके सक्सेना, साक्षी गोपाल, श्रवण कुमार मिश्रा, पीके अग्रवाल, संजय यादव, आकाश और संजय वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor