योगी की बाबूलाल पर फिर चुटकी: अब तो रिटायरमेंट की ओर हैं आप! बार-बार क्या संकेत दे रहे सीएम?
सत्ता के गलियारे में कहा जाता है कि राजनीति में जो हंसी में कहा जाता है, उसी में असली और गहरा संदेश छिपा होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगरा में फतेहपुर सीकरी विधायक चौधरी बाबूलाल से हल्के-फुल्के अंदाज में कहा- बाबूलाल जी, अब तो आप रिटायरमेंट की ओर बढ़ रहे हैं। यह टिप्पणी हंसी-मज़ाक में की गई, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके निहितार्थ 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखे जा रहे हैं। यह तीसरी बार है जब सीएम योगी ने बाबूलाल पर चुटकी ली।
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को आगरा आए हुए थे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की संयुक्त बैठक मंडलायुक्त सभागार में चल रही थी। माहौल पूरी तरह आधिकारिक था लेकिन तभी उसमें एक हल्की सी मुस्कान के साथ की गई टिप्पणी ने राजनीति के गलियारों में हलचल पैदा कर दी। बैठक में पहुंचने के बाद सीएम योगी ने वहां मौजूद सभी विधायकों और सांसदों का हालचाल लेना शुरू किया। उसी दौरान उनकी नजर फतेहपुर सीकरी से भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल पर पड़ी। सीएम रुके, मुस्कुराए और बोले-‘बाबूलाल जी, अब तो आप रिटायरमेंट की तरफ बढ़ रहे हैं।‘
बात हल्के-फुल्के अंदाज में थी, माहौल में ठहाका भी गूंजा। विधायक चौधरी बाबूलाल खुद भी हंस पड़े। अन्य जनप्रतिनिधि भी हंसे, लेकिन जो लोग भाजपा की अंदरूनी संस्कृति और उत्तर प्रदेश की राजनीति को नज़दीक से समझते हैं, वे जानते हैं कि सीएम योगी की चुटकी में कोई बात यूं ही नहीं होती।
75 की लक्ष्मण रेखा और 2027 की आहट
भाजपा में एक अलिखित परंपरा है- नेता जब 75 वर्ष की उम्र पार कर लेते हैं तो उन्हें चुनावी राजनीति से सम्मानपूर्वक विदाई देने की तैयारी शुरू हो जाती है। चौधरी बाबूलाल, जो अब 2027 के अगले विधानसभा चुनाव तक 75 की उम्र पूरी कर लेंगे तो क्या उनके लिए यह टिप्पणी केवल मज़ाक नहीं बल्कि संकेत है।
तीन बार, तीन चुटकी... इत्तेफाक नहीं इशारा!
गौर करने वाली बात यह है कि यह कोई पहली टिप्पणी नहीं थी। पिछले एक साल में लोकसभा चुनाव के बाद यह तीसरी बार है जब सीएम योगी ने चौधरी बाबूलाल पर मज़ाकिया अंदाज में गहरे संदेश देने वाली टिप्पणियां की हैं।
लोकसभा चुनाव के बाद सीएम योगी जब आगरा एयरपोर्ट पहुंचे थे, वहां अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ चौधरी बाबूलाल भी मौजूद थे। सीएम ने उन्हें देख मुस्कराते हुए चुटकी ली थी- ‘और बाबूलाल जी, आजकल किस दल में हो?’ दरअसल यह टिप्पणी चौधरी बाबूलाल के उस फैसले पर थी, जिसमें उन्होंने अपने पुत्र रामेश्वर चौधरी को 2024 में भाजपा प्रत्याशी राज कुमार चाहर के खिलाफ निर्दलीय लोकसभा चुनाव लड़ाया था।
दूसरी चुटकी बहुत तीखा कटाक्ष थी
कुछ महीनों के बाद जब सीएम योगी फिर से आगरा आए और एयरपोर्ट पर विधायक चौधरी बाबूलाल को देखा, तो फिर से मुस्कराए और बोले- ‘अरे बाबूलाल जी, आप यहां! आपको तो कश्मीर में होना चाहिए था...।’
दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कटाक्ष चौधरी बाबूलाल द्वारा आगरा में आयोजित किए जाट समाज के उस सम्मेलन को लेकर था, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरेंद्र सिंह को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया था। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम चौधरी सुरेंद्र सिंह जाट समाज से ताल्लुक रखते हैं और कांग्रेस के नेता हैं।
और अब तीसरी... रिटायरमेंट वाली बात!
मंगलवार को आगरा दौरे के समय मुख्यमंत्री की बैठक में आई चौधरी बाबूलाल के रिटायरमेंट वाली ये तीसरी टिप्पणी इस पूरे क्रम को जोड़ती है। भाजपा के सियासी गलियारों में अब तीन टिप्पणियों के अर्थ निकाले जा रहे हैं। हल्के अंदाज़ में कही गई इन बातों में कहीं न कहीं राजनीतिक रोडमैप की झलक साफ देखी जा रही है।
क्या बाबूलाल को अगली पारी का संकेत मिल गया?
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि सीएम योगी का यह अंदाज़ उनके सीधे-सपाट और सख्त प्रशासक वाले चेहरे से कुछ अलग होता है, लेकिन जब वे इस तरह की टिप्पणियां करते हैं, तो वे सिर्फ संवाद नहीं कर रहे होते, संकेत भी दे रहे होते हैं। तो क्या 2027 के लिए चौधरी बाबूलाल को शायद अब पीछे हटने का इशारा मिल चुका है।
सीएम का तरीका, भाजपा की परंपरा
सीएम योगी अपने सहज, हंसमुख लेकिन रणनीतिक अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं। वे व्यक्तिगत कटाक्ष नहीं करते, लेकिन संस्था और सिद्धांत से कोई समझौता भी नहीं करते। इसलिए ये भी कहा जा रहा है कि वे भाजपा की मर्यादित विदाई परंपरा का मैदान अभी से तैयार कर रहे हैं।