योगी बोले- स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित होगा महाकुंभ 2025
प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को महाकुंभ-2025 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। सीएम ने महाकुंभ के प्रतीक चिह्न, वेबसाइट और मोबाइल ऐप का लोकार्पण भी किया। इस दौरान उन्होंने साधु-संतों के भी सुझावों को सुना और अफसरों को निर्देश दिये।
4000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में होगा विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि वर्ष 2019 में कुंभ का सफल आयोजन कर यूपी ने मानक स्थापित किया है, इसलिए इस बार लोगों की अपेक्षाएं हमसे और अधिक है। 2019 में मेला क्षेत्र 3200 हेक्टेयर में फैला था। इस बार 4000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में इसका विस्तार होगा।
अधिकारी 10 दिसंबर तक पूरे कर ले सारे काम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ से जुड़ी तैयारियों के लिए डेडलाइन तय करते हुए निर्देश दिया कि 10 दिसंबर तक सारे काम पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ विश्व को सनातन भारतीय संस्कृति से साक्षात्कार कराने का सुअवसर है। यह स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधा का मानक भी होगा। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि महाकुंभ को देखते हुए 7000 से अधिक बसें लगाई जाएंगी। यहां डेढ़ लाख से अधिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे। स्वच्छता पर जोर देते हुए सीएम ने निर्देश दिया कि 10 हजार कर्मचारियों की तैनाती कर यहां की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखा जाए।
दिसंबर के पहले सप्ताह तक तैयार कर लें स्टील ब्रिज
सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ में गंगा-यमुना अविरल और निर्मल होंगी। बिजनौर से बलिया तक जीरो डिस्चार्ज होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्टील ब्रिज दिसंबर के पहले सप्ताह तक तैयार कर लें। यह कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी और अयोध्या से प्रयागराज तक के आगमन को सुलभ बनाएगा।
मेला क्षेत्र में तीन पुलिस लाइन, तीन महिला थाना व 10 पुलिस चौकी होंगी स्थापित
मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एयरपोर्ट से मेला क्षेत्र तक वीवीआईपी कॉरिडोर बनाएं, लेकिन विशेष स्नान पर्वों पर कोई वीआईपी मूवमेंट न हो। सुरक्षा के दृष्टिगत मेला क्षेत्र में तीन पुलिस लाइन, तीन महिला थाना और 10 पुलिस चौकी स्थापित करें। सीएम ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर श्रद्धालु की आस्था का सम्मान करते हुए हर किसी से अच्छा व्यवहार रखें। कल्पवासी हों या स्नानार्थी, श्रद्धालु हों या पर्यटक, सबकी सुरक्षा-सुविधा का ध्यान रखा जाए। पुलिस का व्यवहार भी सहयोगात्मक रहना चाहिए।
सुरक्षा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का क्राउड मैनेजमेंट, फायर सर्विस, हेल्प डेस्क, पार्किंग, सीसीटीवी पर जोर रहा। उन्होंने कहा कि यहां एंटी ड्रोन सिस्टम भी लगेगा। सिक्योरिटी मॉडल एआई टूल से तैयार किए जाएं।
होमस्टे की संभावना को करें प्रोत्साहित
मुख्यमंत्री ने स्थानीय अधिकारियों व कुंभ मेला प्रशासन से कहा कि अखाड़ों, आचार्यों, संतों से भी मार्गदर्शन लेते रहें। उनकी अपेक्षाओं का पूरा ध्यान भी रखें। सीएम योगी ने प्रयागराज में होम स्टे की संभावना को प्रोत्साहित करने पर जोर देते हुए कहा कि इस योजना से स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा जाए। इससे उनकी अतिरिक्त आय भी होगी।
नए जीआरपी थानों की आवश्यकता पर सीएम का जोर
सीएम योगी ने निर्देश दिया कि सुरक्षा के लिए नए जीआरपी थानों की आवश्यकता है। चौकसी बढ़ाने के लिए रेलवे-यूपी पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो। सुरक्षा की दृष्टि से किराएदारों, रेस्टोरेंट कर्मियों और ई-रिक्शा चालकों के वेरिफिकेशन भी करा लिए जाएं।
बैठक में प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, एके शर्मा, नंदगोपाल गुप्ता नंदी, राकेश सचान, जयवीर सिंह, विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह, हर्षवर्धन वाजपेयी, विधान परिषद सदस्य केपी श्रीवास्तव, मुख्य सचिव मनोज सिंह समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि, आलाधिकारी, कुंभ मेला प्रशासन व साधु-संत आदि मौजूद रहे।
5600 करोड़ से प्रयागराज को भव्य और सुंदर बनाया जा रहा
प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ-2025 की तैयारियों की समीक्षा के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि महाकुंभ के लिए प्रदेश व केंद्र सरकार के विभाग आपसी समन्वय से कार्यों को गति दे रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए हम सात हजार से अधिक बसें उपलब्ध कराएंगे। महाकुंभ मेला स्थल पर
अभेद्य सुरक्षा के किए जाएंगे पुख्ता इंतजाम। सुरक्षा व्यवस्था में एआई का भी भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि महाकुंभ-2025 की तैयारियां युद्ध स्तर पर आगे बढ़ रही हैं। 5600 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट से प्रयागराज को भव्य और सुंदर बनाया जा रहा है। कुंभ-19 में पूरी दुनिया प्रयागराज की ओर आकर्षित हुई थी।
इस दौरान करीब 25 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था। वे सभी इतने बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में सहभागी बने थे। वहीं लगभग 100 देशों के राजनयिक भी कुंभ-19 के भागीदार बने थे। बताया कि महाकुंभ में ऐसी व्यवस्थाएं की जा रही ह कि श्रद्धालुओं को पैदल नहीं चलना पड़ेगा।