वर्ष 2014 में सीआईए, मोसाद ने कांग्रेस को हराया था - केतकर
कांग्रेस के एक पूर्व राज्यसभा सांसद ने दावा किया है कि 2014 में कांग्रेस इसलिए हारी, क्योंकि अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और इजरायली इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद ने इसकी साजिश रची थी।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद कुमार केतकर ने 2014 के लोकसभा चुनावों को लेकर बहुत ही विचित्र दावा किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने की साजिश अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और इजरायल की एजेंसी मोसाद ने रची थी। उनका दावा है कि इन विदेशी इंटेलिजेंस एजेंसियों ने ठान लिया था कि केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई में स्थिर सरकार नहीं बने देंगे, इसलिए 'मैनडेट लोगों का नहीं था।'
पीटीआई ने कांग्रेस नेता कुमार केतरकर के एक कार्यक्रम में दिए गए भाषण का वीडियो शेयर किया है। इसमें वह मराठी में बोल रहे हैं और इसी में 2014 के लोकसभा चुनावों को लेकर इतना विचित्र दावा करते सुनाई दे रहे हैं। यह वीडियो बुधवार (26 नवंबर,2025) का बताया जा रहा है। संविधान दिवस पर यह कार्यक्रम कांग्रेस पार्टी की ओर से ही आयोजित किया गया था।
इस वीडियो में कांग्रेस नेता मराठी में कहते सुने जा रहे हैं, 'पार्टी ने 2004 के लोकसभा चुनावों में 145 सीटें जीतीं और पांच साल बाद के आम चुनावों में 206 सीटें हासिल की। अगर यह ट्रेंड आगे भी जारी रहता तो कांग्रेस 250 सीटें जीत सकती थी और आसानी से सत्ता में बनी रह सकती थी। लेकिन, 2014 में पार्टी की ओर से जीती गई सीटें घटकर 44 हो गईं।'
अपनी दलील को सही ठहराते हुए उन्होंने दावा किया कि 'एक संगठन सीआईए थी और दूसरा इजरायल का मोसाद था।'उनका तर्क है कि दोनों ही एजेंसियों को लगा कि अगर कांग्रेस की स्थिर या कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार सत्ता में वापस आ गई तो भारत में दखल नहीं दे सकेंगे या अपने हिसाब से नीतियां लागू नहीं करवा सकेंगी।
उनका दावा है कि मोसाद ने भारतीय राज्यों और चुनाव क्षेत्रों का एक विस्तृत डेटा जुटा लिया था और सीआईए और मोसाद ने चुनाव को प्रभावित करने के लिए मतादाताओं के विशाल डेटाबेस तैयार कर रखे थे। केतकर ने कहा है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रति कुछ नाराजगी थी, लेकिन सिर्फ इसके चलते कांग्रेस 206 से 44 पर नहीं आ सकती थी। उनके अनुसार, 'यह लोगों का मैनडेट नहीं था'।