हार्मूज पर पर फिर बढ़ा संकट, जहाजों की आवाजाही बहुत सीमित, ईरान की कथित 'हिट लिस्ट' से वैश्विक हड़कंप; युद्धविराम के बाद लगातार बढ़ता जा रहा सैन्य टकराव

तेहरान/वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। स्ट्रेट ऑफ हार्मूज को लेकर ईरान के नए दावों, विदेशी नेताओं की कथित 'हिट लिस्ट' और अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। हालांकि इन घटनाक्रमों को लेकर कई दावों पर अलग-अलग पक्षों के अपने-अपने दावे हैं और कुछ मामलों में स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

Jul 13, 2026 - 18:46
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हार्मूज पर पर फिर बढ़ा संकट, जहाजों की आवाजाही बहुत सीमित, ईरान की कथित 'हिट लिस्ट' से वैश्विक हड़कंप; युद्धविराम के बाद लगातार बढ़ता जा रहा सैन्य टकराव

हार्मूज जलडमरूमध्य को लेकर फिर बढ़ा विवाद

ईरान ने हालिया सैन्य तनाव के बीच एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ हार्मूज को बंद करने का दावा किया है। दूसरी ओर अमेरिका का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग अब भी नौवहन के लिए खुला है और उसकी नौसेना जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रही है।

हालांकि जमीनी स्थिति यह संकेत देती है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं रह गई है। सुरक्षा चिंताओं के कारण कई शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों की आवाजाही सीमित कर दी है या वैकल्पिक मार्ग अपनाने शुरू कर दिए हैं। इससे वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

विदेशी नेताओं की कथित 'हिट लिस्ट' से बढ़ी चिंता

ईरान के नए नेतृत्व की ओर से कथित तौर पर 13 विदेशी नेताओं की एक 'बदले की सूची' जारी किए जाने का दावा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार इस सूची में अमेरिका, इजराइल और यूरोप के कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें डोनाल्ड ट्रंप, बेंजामिन नेतन्याहू और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का नाम भी लिया जा रहा है।

हालांकि इस सूची को लेकर अभी तक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल सार्वजनिक दावों के रूप में ही देखा जा रहा है, न कि किसी आधिकारिक सैन्य कार्रवाई की पुष्टि के रूप में।

फिर तेज हुआ अमेरिका और ईरान का टकराव

हाल के युद्धविराम के बाद क्षेत्र में शांति की उम्मीदें बनी थीं, लेकिन अब हालात फिर बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। हालिया घटनाक्रम में समुद्री क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की, जबकि ईरान ने भी अमेरिकी और उसके सहयोगी हितों को निशाना बनाते हुए जवाब दिया।

दोनों पक्षों के बीच मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों की घटनाओं ने पूरे पश्चिम एशिया को फिर से संघर्ष के मुहाने पर ला खड़ा किया है। इस बीच कतर, ओमान, मिस्र और पाकिस्तान जैसे कई देश दोनों पक्षों के बीच तनाव कम कराने और स्थायी युद्धविराम की दिशा में कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता सामने नहीं आई है।

SP_Singh AURGURU Editor