आगरा में धर्म, भक्ति और उत्सव की त्रिवेणी, भागवत कथा से लेकर कुनवाड़ा उत्सव और बलदेव छठ तक उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
आगरा। शहर में धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों की श्रृंखला के बीच विभिन्न मंदिरों एवं कथा स्थलों पर श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। एक ओर प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुरा में पितरों की स्मृति को समर्पित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं, वहीं श्रीमथुराधीश जी महाराज मंदिर में कुनवाड़ा उत्सव मनाया गया। पंचेश्वर महादेव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में दान लीला और गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन हुआ। श्री प्रेमानिधि मंदिर में बलदेव छठ उत्सव के अंतर्गत दाऊजी महाराज का विशेष अभिषेक और श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
श्रीमथुराधीश जी मंदिर में मना कुनवाड़ा उत्सव, मिट्टी के पात्रों में सजा ठाकुरजी का राजभोग
पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कुनवाड़ा उत्सव एवं मनोरथ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ठाकुरजी को विशेष भाव से मिट्टी के पात्रों में तैयार एवं परोसा गया राजभोग अर्पित किया गया। उत्सव में बड़ी संख्या में वैष्णव भक्तों ने सहभागिता कर दर्शन एवं सेवा का लाभ प्राप्त किया।
उत्सव के अंतर्गत प्रातःकाल भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर को पुष्पों, बंदनवारों एवं आकर्षक सजावट से अलंकृत किया गया। इसके पश्चात मिट्टी के कुल्हड़ों, कटोरियों और थालियों में विविध प्रकार के सात्विक व्यंजन, मिष्ठान एवं फलों को सजाकर ठाकुरजी को राजभोग अर्पित किया गया। मिट्टी के पात्रों में सुसज्जित भोग की मनोहारी झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भोग दर्शन के दौरान मंदिर परिसर श्रीहरि के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
इस अवसर पर दिलीप भारद्वाज, ममता भारद्वाज, आकाश, अमीषा, अवनिका, बृज खंडेलवाल, पद्मिनी, मंदिर के महंत नन्दन श्रोत्रिय, जुगल श्रोत्रिय, स्वाति कटारा, अंकित भारद्वाज, नवीन भारद्वाज, राजेश भारद्वाज, सौम्या भारद्वाज, अनिता दीक्षित, तन्वी भारद्वाज, शिवानी भारद्वाज सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जहां प्रेम हो, वहां प्रभाव नहीं, केवल प्रेम प्रकट होता है : आचार्य इंद्रेश उपाध्याय

बल्केश्वर पार्क में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भाव विभोर श्रद्धालु।
आगरा। पुरुषोत्तम मास के अवसर पर बल्केश्वर महादेव भक्त मंडल द्वारा बल्केश्वर पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें एवं अंतिम दिन विख्यात कथा व्यास आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने भगवान श्रीकृष्ण और ब्रजवासियों के प्रेम तथा विरह का मार्मिक वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि जहां प्रेम होता है, वहां ऐश्वर्य या प्रभाव का प्रदर्शन नहीं होता, वहां केवल प्रेम ही दिखाई देता है।
आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि सच्चा प्रेम मनुष्य को संसार की अन्य बातों से दूर कर देता है। प्रेमी के लिए केवल प्रेम ही सर्वोपरि होता है। उन्होंने श्रीकृष्ण के मथुरा प्रस्थान का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब कंस वध के लिए कान्हा मथुरा जाने लगे तो ब्रजवासियों ने उन्हें रोकने का भरसक प्रयास किया। श्रीकृष्ण ने सभी को आश्वस्त किया कि वह शीघ्र लौट आएंगे, लेकिन यह विरह ब्रजवासियों के लिए असहनीय था।
उन्होंने कहा कि राधा और मीरा के विरह का वर्णन तो बहुत सुनने को मिलता है, लेकिन श्रीकृष्ण के विरह की चर्चा कम होती है। कान्हा भी वृंदावन, यशोदा मैया और ब्रजवासियों की याद में भावुक होते थे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण भले ही मथुरा और द्वारका गए, लेकिन हृदय से कभी वृंदावन से दूर नहीं हुए।
कथा के दौरान आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने बांसुरी की उत्पत्ति का भी रोचक प्रसंग सुनाया और बताया कि श्रीकृष्ण ने ब्रज में माधुर्य और प्रेम का संचार करने के लिए बांसुरी को माध्यम बनाया।
यशोदा और श्रीकृष्ण के वियोग प्रसंग का वर्णन करते समय कथा पंडाल का वातावरण भावुक हो गया। स्वयं आचार्य इंद्रेश उपाध्याय की आंखें नम हो गईं, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आंखों से भी अश्रुधारा बह निकली।
इस अवसर पर महंत कपिल नागर, अर्चित पांड्या, मुख्य यजमान हरीश अग्रवाल, तरूना अग्रवाल, गौरीशंकर अग्रवाल, आशीष गुप्ता, पदम अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, शिवम गोयल, अजय गोयल, गिरीश बंसल, पार्षद मुरारीलाल गोयल, आदर्श नंदन गुप्त, मीडिया प्रभारी ऋषि अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पितरों की स्मृति को समर्पित होगी श्रीमद्भागवत महापुराण कथा

श्रीमदभागवत महापुराण कथा के आमंत्रण पत्र का विमोचन करते आयोजक।
प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुरा में 8 जून से 15 जून तक आयोजित होने जा रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के आमंत्रण पत्र का विमोचन शनिवार को मंदिर परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम संयोजक मनीष अग्रवाल ने बताया कि यह कथा पितरों की पुण्य स्मृति को समर्पित रहेगी।
कथा व्यास पूज्य भागवताचार्य चैतन्य हरिचरत जी महाराज (गोवर्धन धाम) होंगे। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक होगी। महंत अनंत उपाध्याय ने बताया कि 8 जून को सुबह 7 बजे 151 महिलाओं की भव्य मंगल कलश यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर जज कंपाउंड और वजीरपुरा क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से निकलेगी।
कथा के अंतर्गत परीक्षित जन्म, नृसिंह अवतार, ध्रुव चरित्र, वामन अवतार, गजेन्द्र मोक्ष, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, रासलीला, श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह, सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष सहित विभिन्न प्रसंगों का वर्णन होगा। 15 जून को यज्ञ पूर्णाहुति एवं विशाल प्रसाद भंडारे के साथ आयोजन का समापन होगा। कथा के मुख्य यजमान निरंजन लाल सारस्वत एवं आशा सारस्वत होंगे। इस अवसर पर अपूर्व मित्तल, शेखर गोयल, विक्रम सिंह, अरुण गर्ग, मनोज गुप्ता, विनीत सिंघल, हनी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
दान से धर्म की शुद्धि होती है : रामप्रपन्नाचार्य जी महाराज

श्रीमदभागवत कथा का वर्णन करते स्वामी रामप्रपन्नाचार्य महाराज।
पंचेश्वर महादेव मंदिर, कालिंदीपुरम कॉलोनी, मऊ रोड स्थित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के छठवें दिन कथा व्यास स्वामी श्री रामप्रपन्नाचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दान लीला, गोवर्धन लीला और छप्पन भोग प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि दान केवल धन या वस्तु का त्याग नहीं, बल्कि लोभ और अहंकार को छोड़ने का माध्यम है। निस्वार्थ भाव से किया गया दान मनुष्य के अंतःकरण को निर्मल बनाता है और धर्म की शुद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार का निवारण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया था।
कथा के दौरान छप्पन भोग की भव्य झांकी सजाई गई। मुख्य यजमान मनीष अग्रवाल रावी, शिवानी अग्रवाल, विजय अग्रवाल, नीता अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, नीलू अग्रवाल और सरोज बाला अग्रवाल ने कथा व्यास का पूजन किया। आरती नितिन एवं सुलेखा गोयल ने संपन्न कराई। कार्यक्रम में जगमोहन गौतम, विनोद यादव, भूपेंद्र चाहर, जे.पी. शर्मा, कृष्ण दत्त गौतम, तिलक सिंह, रामनरेश राठौर, क्षेत्रपाल सिंह, राजेश कुलश्रेष्ठ, आर.पी. सिंह, राकेश परमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बलदेव छठ उत्सव में दाऊजी महाराज की अनुपम छटा ने मोहा मन

श्री प्रेमनिधि मंदिर में बलदेव छठ उत्सव की एक झलक।
नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमानिधि मंदिर में चल रहे श्री पुरुषोत्तम मनोरथ उत्सव के 21वें दिन बलदेव छठ उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के अग्रज श्री बलराम जी की विशेष सेवा, महाभिषेक एवं श्रृंगार मनोरथ आयोजित किए गए।
मुख्य सेवायत हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज एवं दाऊजी महाराज का विशेष महाभिषेक कर नवीन वेशभूषा, आकर्षक आभूषणों और मनोहारी पुष्प सज्जा से भव्य श्रृंगार किया गया। आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया।
मंदिर में सजे फूल बंगले और विशेष भोग सेवा ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सेवाधारी सुनीत गोस्वामी, दिनेश पचौरी ने वंशिका गोस्वामी, भक्ति गोस्वामी, आशीष वल्लभ पचौरी, दीपक सैनी, साहिल और अक्षत पचौरी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।